वसंत पंचमी वसंत ऋतु के आगमन का स्वागत करती है और विद्या, संगीत तथा वाणी की देवी सरस्वती को समर्पित है। यह माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को पड़ती है, जब उत्तर भारत के सरसों के खेत पीले पड़ जाते हैं।
कैसे मनाया जाता है
भक्त पीले वस्त्र पहनते हैं, पुस्तकें और वाद्ययंत्र सरस्वती के समक्ष रखकर आशीर्वाद लेते हैं, और परंपरा से छोटे बच्चों का अक्षरारंभ इसी दिन कराया जाता है — कोई भी विद्या आरंभ करने के लिए यह दिन शुभ माना गया है।
ॲडलेड में वसंत पंचमी 2026 शनिवार, २४ जनवरी २०२६ को है। पंचांग के अनुसार यह माघ शुक्ल पक्ष पंचमी है।
क्या ॲडलेड में वसंत पंचमी 2026 भारत के समान दिन है?
नहीं। ॲडलेड में वसंत पंचमी २४ जन॰ २०२६ को है, जबकि भारत में २३ जन॰ २०२६ को। तिथि पूरी पृथ्वी पर एक ही क्षण आरंभ होती है, और वह क्षण हर स्थान पर अलग स्थानीय दिन पर पड़ता है।
वसंत पंचमी को और किन नामों से जाना जाता है?
वसंत पंचमी को बसंत पंचमी, सरस्वती पूजा भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।