उगादि 2027 in अमृतसर

बुधवार, ७ अप्रैल २०२७· 178 दिन बाद

Advertisement
संक्षेप में

अमृतसर में उगादि 2027 बुधवार, ७ अप्रैल २०२७ को है। पंचांग के अनुसार यह चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा है। सूर्योदय ६:१३ am और सूर्यास्त ६:५२ pm पर है।

भारत के समान दिन · उगादि 2027 →

अन्य नाम: गुड़ी पड़वा · युगादि · चेटी चंड

अमृतसर का समय

तिथि
बुधवार, ७ अप्रैल २०२७
बुधवार
पंचांग तिथि
चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा
सूर्योदय
६:१३ am
सूर्यास्त
६:५२ pm
चंद्रोदय
६:०२ am
चंद्रास्त
७:२६ pm

अमृतसर में शुभ मुहूर्त

राहु काल — त्याज्य१२:३२ pm – २:०७ pm

इस त्योहार के लिए परंपरा में अलग मुहूर्त नहीं है — यह पूरे दिन मनाया जाता है। अभिजित उस दिन का सामान्य शुभ समय है और राहु काल त्याज्य।

अमृतसर का आज का पंचांग

आपकी कुंडली, इसी पृष्ठ पर

जन्म विवरण भरें और पूरी कुंडली पाएँ — ग्रह, भाव, और अभी चल रही दशा।

मेरी निःशुल्क कुंडली बनाएँ

कोई खाता नहीं, कुछ इंस्टॉल नहीं करना।

Advertisement

उगादि क्या है?

उगादि दक्खन का चांद्र नववर्ष है — कर्नाटक और आंध्र में युगादि, महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा, सिंधियों के लिए चेटी चंड। यह चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को पड़ता है, जो हिंदू चांद्र पंचांग का पहला दिन है।

कैसे मनाया जाता है

घरों की सफ़ाई होती है और द्वार पर आम के पत्तों का तोरण बांधा जाता है; महाराष्ट्र दरवाज़े के ऊपर रेशम से सजी गुड़ी खड़ी करता है। इस दिन का विशिष्ट पकवान उगादि पच्चड़ी है, जिसमें छहों रस एक साथ होते हैं, ताकि वर्ष को उसके सभी स्वादों सहित एक साथ स्वीकारा जाए।

अन्य शहर

आगराअमदाबादअजमेरअलीगढ़अमरावतीआसनसोलऔरंगाबादबैंगलोरबरेलीभावनगरभोपालभुवनेश्वर

अन्य वर्ष

उगादि 2026उगादि 2028उगादि 2029

अन्य त्योहार

चैत्र नवरात्रिबैसाखीपुथांडुराम नवमीविषुहनुमान जयंती

2027 के शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त55 तिथियाँगृह प्रवेश मुहूर्त49 तिथियाँवाहन खरीद मुहूर्त116 तिथियाँनामकरण मुहूर्त117 तिथियाँव्यापार आरंभ मुहूर्त97 तिथियाँसभी शुभ मुहूर्त
Advertisement

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमृतसर में उगादि 2027 कब है?

अमृतसर में उगादि 2027 बुधवार, ७ अप्रैल २०२७ को है। पंचांग के अनुसार यह चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा है।

क्या अमृतसर में उगादि 2027 भारत के समान दिन है?

हाँ। इस वर्ष उगादि अमृतसर और भारत दोनों में ७ अप्रैल २०२७ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।

उगादि को और किन नामों से जाना जाता है?

उगादि को गुड़ी पड़वा, युगादि, चेटी चंड भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।