शरद पूर्णिमा आश्विन की फसल-पूर्णिमा है — वह रात जब चंद्रमा अपनी सोलहों कलाओं, यानी अपनी संपूर्णता के साथ चमकता है और अमृत बरसाता है।
कैसे मनाया जाता है
चावल की खीर खुले चांद के नीचे रात भर रखी जाती है और भोर में खाई जाती है। ब्रज में यही रात रास लीला के रूप में मनाई जाती है, गोपियों के संग कृष्ण का नृत्य।
फ्रैंकफर्ट में शरद पूर्णिमा 2026 रविवार, २५ अक्टूबर २०२६ को है। पंचांग के अनुसार यह आश्विन पूर्णिमा है।
क्या फ्रैंकफर्ट में शरद पूर्णिमा 2026 भारत के समान दिन है?
नहीं। फ्रैंकफर्ट में शरद पूर्णिमा २५ अक्टू॰ २०२६ को है, जबकि भारत में २६ अक्टू॰ २०२६ को। तिथि पूरी पृथ्वी पर एक ही क्षण आरंभ होती है, और वह क्षण हर स्थान पर अलग स्थानीय दिन पर पड़ता है।
शरद पूर्णिमा को और किन नामों से जाना जाता है?
शरद पूर्णिमा को कोजागिरी पूर्णिमा, कोजागरा पूजा भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।