ओणम 2026 in जयपुर

बुधवार, २६ अगस्त २०२६

Advertisement
संक्षेप में

जयपुर में ओणम 2026 बुधवार, २६ अगस्त २०२६ को है। सूर्योदय ६:०४ am और सूर्यास्त ६:५२ pm पर है।

भारत के समान दिन · ओणम 2026 →

अन्य नाम: थिरुवोणम · तिरुओणम · ओणम सद्या · अथम

जयपुर का समय

तिथि
बुधवार, २६ अगस्त २०२६
बुधवार
नक्षत्र
श्रवण
सूर्योदय
६:०४ am
सूर्यास्त
६:५२ pm
चंद्रोदय
५:५४ pm
चंद्रास्त
४:०४ am

जयपुर में शुभ मुहूर्त

राहु काल — त्याज्य१२:२८ pm – २:०४ pm

इस त्योहार के लिए परंपरा में अलग मुहूर्त नहीं है — यह पूरे दिन मनाया जाता है। अभिजित उस दिन का सामान्य शुभ समय है और राहु काल त्याज्य।

जयपुर का आज का पंचांग

आपकी कुंडली, इसी पृष्ठ पर

जन्म विवरण भरें और पूरी कुंडली पाएँ — ग्रह, भाव, और अभी चल रही दशा।

मेरी निःशुल्क कुंडली बनाएँ

कोई खाता नहीं, कुछ इंस्टॉल नहीं करना।

Advertisement

ओणम क्या है?

ओणम केरल का फसल पर्व है और राजा महाबलि के लौटने का दिन, जिनके राज्य को वहां उस युग के रूप में याद किया जाता है जब सब बराबर थे। इसकी तिथि न किसी तिथि से तय होती है और न संक्रांति से, बल्कि नक्षत्र से — मलयालम वर्ष के पहले मास चिंगम में वह दिन जब चंद्रमा श्रवण, यानी थिरुवोणम, में होता है। इसीलिए यह मध्य अगस्त से मध्य सितंबर तक कहीं भी पड़ सकता है।

कैसे मनाया जाता है

दस दिन अथम से थिरुवोणम तक चलते हैं, और हर सुबह देहरी पर पूक्कलम — फूलों की रंगोली — का एक घेरा पिछले दिन से बड़ा होता जाता है। थिरुवोणम का दिन ओणसद्या है: केले के पत्ते पर परोसे लगभग दो दर्जन शाकाहारी व्यंजन, हाथ से खाए जाते हैं, और अंत में पायसम। वल्लम कलि नौका दौड़ और पुलिकलि व्याघ्र-नृत्य इसी सप्ताह के हैं।

अन्य शहर

आगराअमदाबादअजमेरअलीगढ़अमरावतीअमृतसरआसनसोलऔरंगाबादबैंगलोरबरेलीभावनगरभोपाल

अन्य वर्ष

ओणम 2027ओणम 2028

अन्य त्योहार

रक्षा बंधननाग पंचमीकृष्ण जन्माष्टमीहरियाली तीजगणेश चतुर्थीगुरु पूर्णिमा

2026 के शुभ मुहूर्त

विवाह मुहूर्त43 तिथियाँगृह प्रवेश मुहूर्त28 तिथियाँवाहन खरीद मुहूर्त102 तिथियाँनामकरण मुहूर्त97 तिथियाँव्यापार आरंभ मुहूर्त75 तिथियाँसभी शुभ मुहूर्त
Advertisement

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर में ओणम 2026 कब है?

जयपुर में ओणम 2026 बुधवार, २६ अगस्त २०२६ को है।

क्या जयपुर में ओणम 2026 भारत के समान दिन है?

हाँ। इस वर्ष ओणम जयपुर और भारत दोनों में २६ अग॰ २०२६ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।

ओणम को और किन नामों से जाना जाता है?

ओणम को थिरुवोणम, तिरुओणम, ओणम सद्या, अथम भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।