कृष्ण जन्माष्टमी 2025 in शार्लट

शनिवार, १६ अगस्त २०२५

संक्षेप में

शार्लट में कृष्ण जन्माष्टमी 2025 शनिवार, १६ अगस्त २०२५ को है। पंचांग के अनुसार यह भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी है। nishita १:०६ am – १:४८ am है। सूर्योदय ६:४५ am और सूर्यास्त ८:०९ pm पर है।

भारत के समान दिन

अन्य नाम: जन्माष्टमी · गोकुलाष्टमी · कृष्ण जयंती

शार्लट का समय

तिथि
शनिवार, १६ अगस्त २०२५
शनिवार
पंचांग तिथि
भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी
सूर्योदय
६:४५ am
सूर्यास्त
८:०९ pm
चंद्रास्त
२:५१ pm
शार्लट का आज का पंचांग

कृष्ण जन्माष्टमी क्या है?

कृष्ण जन्माष्टमी श्रावण कृष्ण पक्ष की अष्टमी को कृष्ण के जन्म का पर्व है। उनका जन्म मथुरा के कारागार में अर्धरात्रि को हुआ था, और पूरा उत्सव उसी घड़ी के इर्द-गिर्द बुना गया है।

कैसे मनाया जाता है

भक्त दिन भर व्रत रखते हैं और नीचे दिए गए निशीथ काल में उसे खोलते हैं — अर्धरात्रि के बाद, यानी अगले कैलेंडर दिन। महाराष्ट्र इसमें दही हांडी जोड़ता है, दही की मटकी फोड़ने के लिए बनाया गया मानव-पिरामिड।

अन्य शहर

अटलांटाअस्टिनबस्तनशिकागोकोलंबसडॅलसडेट्राइटएडिसनफ्रिमाँटह्यूस्टनIrvineलस एन्जलस

अन्य वर्ष

कृष्ण जन्माष्टमी 2024कृष्ण जन्माष्टमी 2026कृष्ण जन्माष्टमी 2027

अन्य त्योहार

रक्षा बंधनगणेश चतुर्थीनाग पंचमीहरियाली तीजगुरु पूर्णिमाशरद नवरात्रि

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शार्लट में कृष्ण जन्माष्टमी 2025 कब है?

शार्लट में कृष्ण जन्माष्टमी 2025 शनिवार, १६ अगस्त २०२५ को है। पंचांग के अनुसार यह भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी है।

शार्लट में कृष्ण जन्माष्टमी का nishita कब है?

शार्लट में १६ अग॰ २०२५ को nishita १:०६ am – १:४८ am है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

क्या शार्लट में कृष्ण जन्माष्टमी 2025 भारत के समान दिन है?

हाँ। इस वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी शार्लट और भारत दोनों में १६ अग॰ २०२५ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।

कृष्ण जन्माष्टमी को और किन नामों से जाना जाता है?

कृष्ण जन्माष्टमी को जन्माष्टमी, गोकुलाष्टमी, कृष्ण जयंती भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।