ॲडलेड में होलिका दहन 2027 सोमवार, २२ मार्च २०२७ को है। पंचांग के अनुसार यह फाल्गुन पूर्णिमा है। होलिका दहन मुहूर्त ७:२३ pm – ९:१३ pm है। सूर्योदय ७:२० am और सूर्यास्त ७:२३ pm पर है।
ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।
होलिका दहन होली की पूर्वसंध्या पर जलाई जाने वाली अग्नि है, जिसमें होलिका के साथ वर्ष भर का संचित अनिष्ट भी भस्म होता है। यह फाल्गुन की पूर्णिमा को, सूर्यास्त के ठीक बाद के प्रदोष काल में प्रज्वलित की जाती है।
कैसे मनाया जाता है
मोहल्ले चौराहे या खुले मैदान में चिता सजाते हैं और अनाज तथा नारियल की आहुति देते हुए उसकी परिक्रमा करते हैं। अग्नि भद्रा में नहीं जलाई जा सकती — यह अशुभ अर्ध-तिथि प्रायः संध्या को घेर लेती है, ऐसे में दहन भद्रा के बीतने की प्रतीक्षा करता है, और यदि भद्रा अर्धरात्रि के पार चली जाए तो पूरा आयोजन अगले दिन खिसक जाता है।
ॲडलेड में होलिका दहन 2027 सोमवार, २२ मार्च २०२७ को है। पंचांग के अनुसार यह फाल्गुन पूर्णिमा है।
ॲडलेड में होलिका दहन का होलिका दहन मुहूर्त कब है?
ॲडलेड में २२ मार्च २०२७ को होलिका दहन मुहूर्त ७:२३ pm – ९:१३ pm है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।
ॲडलेड में होलिका दहन पर भद्रा है क्या?
हाँ — ॲडलेड में २२ मार्च २०२७ को भद्रा ११:२२ pm – १०:१५ am तक रहती है। भद्रा में शुभ कार्य आरंभ नहीं किए जाते। ऊपर दिया मुहूर्त (७:२३ pm – ९:१३ pm) भद्रा को पहले ही छोड़ देता है, इसलिए वह समय शुद्ध है।
क्या ॲडलेड में होलिका दहन 2027 भारत के समान दिन है?
हाँ। इस वर्ष होलिका दहन ॲडलेड और भारत दोनों में २२ मार्च २०२७ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।
होलिका दहन को और किन नामों से जाना जाता है?
होलिका दहन को छोटी होली, होलिका दहनम भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।