गुरु पूर्णिमा आषाढ़ की पूर्णिमा को गुरु के, और विशेष रूप से व्यास के, सम्मान का पर्व है। इसे हिंदू, बौद्ध और जैन तीनों समान रूप से मनाते हैं — कहा जाता है कि बुद्ध ने अपना पहला उपदेश इसी दिन दिया था।
कैसे मनाया जाता है
शिष्य अपने गुरु को पुष्प, वस्त्र और विधिवत प्रणाम अर्पित करते हैं। आश्रमों में पाठ होते हैं, और बहुत से लोग इसी तिथि से अध्ययन या साधना का कोई क्रम आरंभ करते हैं।
तिरुचिरापल्ली में गुरु पूर्णिमा 2027 रविवार, १८ जुलाई २०२७ को है। पंचांग के अनुसार यह आषाढ़ पूर्णिमा है।
क्या तिरुचिरापल्ली में गुरु पूर्णिमा 2027 भारत के समान दिन है?
हाँ। इस वर्ष गुरु पूर्णिमा तिरुचिरापल्ली और भारत दोनों में १८ जुल॰ २०२७ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।
गुरु पूर्णिमा को और किन नामों से जाना जाता है?
गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।