गुरु पूर्णिमा आषाढ़ की पूर्णिमा को गुरु के, और विशेष रूप से व्यास के, सम्मान का पर्व है। इसे हिंदू, बौद्ध और जैन तीनों समान रूप से मनाते हैं — कहा जाता है कि बुद्ध ने अपना पहला उपदेश इसी दिन दिया था।
कैसे मनाया जाता है
शिष्य अपने गुरु को पुष्प, वस्त्र और विधिवत प्रणाम अर्पित करते हैं। आश्रमों में पाठ होते हैं, और बहुत से लोग इसी तिथि से अध्ययन या साधना का कोई क्रम आरंभ करते हैं।
सैन होज़े में गुरु पूर्णिमा 2026 मंगलवार, २८ जुलाई २०२६ को है। पंचांग के अनुसार यह आषाढ़ पूर्णिमा है।
क्या सैन होज़े में गुरु पूर्णिमा 2026 भारत के समान दिन है?
नहीं। सैन होज़े में गुरु पूर्णिमा २८ जुल॰ २०२६ को है, जबकि भारत में २९ जुल॰ २०२६ को। तिथि पूरी पृथ्वी पर एक ही क्षण आरंभ होती है, और वह क्षण हर स्थान पर अलग स्थानीय दिन पर पड़ता है।
गुरु पूर्णिमा को और किन नामों से जाना जाता है?
गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।