बुध व्रत: बुधवार का उपवास और उसकी विधि

संक्षेप में

बुध का व्रत बुधवार को रखा जाता है — परंपरा से सूर्यास्त के बाद एक बार भोजन, बिना नमक। निर्बल बुध के लिए यह घर-घर का उपाय है, और रत्न के विपरीत यह कुंडली के विरुद्ध नहीं पड़ सकता।

एक नज़र में

वार
बुधवार
देवता
विष्णु

यह उपाय काम कैसे करता है

वार-व्रत घर-घर का उपाय है — ग्रह के अपने दिन रखा जाता है, प्रायः सूर्यास्त के बाद एक बार भोजन और नमक का त्याग। यह अनुष्ठान जितना है उतना ही अनुशासन: बात साप्ताहिक संयम की है, इतने समय तक निभाया गया कि उसका अर्थ बने।

बुधवार का व्रत शाकाहारी होता है और परंपरा से हरी मूंग के साथ रखा जाता है — रंग और अन्न दोनों बुध के हैं।

जब ग्रह दबाव में हो

निर्बल बुध बिखरे विचार, असावधान वाणी, आरंभ किए काम को पूरा न कर पाना और स्नायविक बेचैनी के रूप में दिखता है। बुधवार का अभ्यास और विद्यार्थियों की सेवा इसका शास्त्रीय उत्तर है।

बुध के अन्य उपाय

पन्नामंत्रदानबुध

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बुध के उपायों के लिए कौन-सा वार है?

बुधवार। बुध के व्रत, दान और मंत्र जप सभी इसी वार के हैं।

क्या बुध के उपाय ज्योतिषी के बिना आरंभ किए जा सकते हैं?

मंत्र, वार-व्रत और दान किसी के लिए भी सुरक्षित हैं — ये बुध को बढ़ाए बिना उसे संबोधित करते हैं। पन्ना ऐसा नहीं है: ग्रह-रत्न वही बढ़ाता है जो ग्रह पहले से कर रहा है, इसलिए उसके लिए पहले कुंडली देखना आवश्यक है।