राहु (उत्तर नोड) एकादश भाव में / केतु (दक्षिण नोड) पंचम भाव में
यह स्थिति व्यक्तिगत रोमांस और नाटकीयता से अत्यधिक लगाव, हठ, और एक अद्वितीय व्यक्ति के रूप में अलग दिखने की चाह में सामूहिक या सामुदायिक जीवन में भाग लेने के प्रतिरोध को उत्पन्न करती है।
व्यक्तित्व: व्यक्तिगत रचनात्मक अभिव्यक्ति और रोमांटिक ध्यान की ओर प्रबल खिंचाव। जातक अपनी ही इच्छाओं और ज़रूरतों से आगे बढ़कर व्यापक सामाजिक उद्देश्यों, सामूहिक प्रयासों, या व्यापक समुदाय से जुड़ने में संघर्ष कर सकता है।
जीवन का पाठ: अहं-केंद्रित आत्म-अभिव्यक्ति से हटकर सामूहिक लक्ष्यों और मानवीय सरोकारों में वास्तविक भागीदारी की ओर बढ़ना। अपनी व्यक्तिगतता खोए बिना "अनेक में से एक" बनना सीखना ही विकास की दिशा है।
संबंध: रोमांस और व्यक्तिगत नाटकीयता में अत्यधिक निवेश गहरी मित्रता और किसी बड़ी चीज़ का हिस्सा होने की सार्थक अनुभूति को दबा सकता है।
करियर: नेटवर्किंग, सामुदायिक सहभागिता, और सामाजिक प्रगति या सामूहिक हित की दिशा में उन्मुख कार्य इस नोड की दिशा से मेल खाते हैं। जातक को एकल प्रदर्शन के बजाय सामूहिक उद्देश्यों में योगदान से संतुष्टि मिलती है।
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