विषु 2027 in शार्लट

बुधवार, १४ अप्रैल २०२७· 230 दिन बाद

संक्षेप में

शार्लट में विषु 2027 बुधवार, १४ अप्रैल २०२७ को है। सूर्योदय ६:५३ am और सूर्यास्त ७:५४ pm पर है।

भारत: १५ अप्रैल २०२७

अन्य नाम: विषुक्कणि · मलयाली नववर्ष · विशु

शार्लट का समय

तिथि
बुधवार, १४ अप्रैल २०२७
बुधवार
सूर्योदय
६:५३ am
सूर्यास्त
७:५४ pm
चंद्रोदय
१:२३ pm
चंद्रास्त
३:०३ am

शार्लट में शुभ मुहूर्त

राहु काल — त्याज्य१:२३ pm – ३:०१ pm

इस त्योहार के लिए परंपरा में अलग मुहूर्त नहीं है — यह पूरे दिन मनाया जाता है। अभिजित उस दिन का सामान्य शुभ समय है और राहु काल त्याज्य।

शार्लट का आज का पंचांग

विषु क्या है?

विषु केरल का ज्योतिषीय नववर्ष है, मेडम मास का पहला दिन, और वही मेष संक्रांति जिसे तमिलनाडु पुथांडु के रूप में मनाता है। केरल इसे सूर्यास्त से नहीं, अगली भोर से तय करता है, क्योंकि यहां पर्व का केंद्र विषुक्कणि है — नववर्ष में आंख खुलते ही पड़ने वाला पहला दृश्य — इसलिए दिन चढ़े हुई संक्रांति अगली सुबह की मानी जाती है।

कैसे मनाया जाता है

कणि एक रात पहले सजाई जाती है: कोन्ना के पीले फूल, चावल, दर्पण, स्वर्ण, जलता दीप और कृष्ण का विग्रह — इस तरह कि भोर में आंखें मूंदे लाए गए व्यक्ति की पहली दृष्टि उसी पर पड़े। फिर बड़े विषुक्कैनीट्टम देते हैं, हथेली में रखा हुआ एक सिक्का, और दिन सद्या के साथ पूरा होता है।

अन्य शहर

अटलांटाअस्टिनबस्तनशिकागोकोलंबसडॅलसडेट्राइटएडिसनफ्रिमाँटह्यूस्टनIrvineलस एन्जलस

अन्य वर्ष

विषु 2025विषु 2026विषु 2028विषु 2029

अन्य त्योहार

राम नवमीबैसाखीहनुमान जयंतीउगादिचैत्र नवरात्रिहोली

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शार्लट में विषु 2027 कब है?

शार्लट में विषु 2027 बुधवार, १४ अप्रैल २०२७ को है।

क्या शार्लट में विषु 2027 भारत के समान दिन है?

नहीं। शार्लट में विषु १४ अप्रैल २०२७ को है, जबकि भारत में १५ अप्रैल २०२७ को। तिथि पूरी पृथ्वी पर एक ही क्षण आरंभ होती है, और वह क्षण हर स्थान पर अलग स्थानीय दिन पर पड़ता है।

विषु को और किन नामों से जाना जाता है?

विषु को विषुक्कणि, मलयाली नववर्ष, विशु भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।