वट सावित्री 2029 in विशाखपट्टणम्

मंगलवार, १२ जून २०२९· 1020 दिन बाद

संक्षेप में

विशाखपट्टणम् में वट सावित्री 2029 मंगलवार, १२ जून २०२९ को है। पंचांग के अनुसार यह ज्येष्ठ अमावस्या है। सूर्योदय ५:२२ am और सूर्यास्त ६:३० pm पर है।

भारत के समान दिन

अन्य नाम: वट पूर्णिमा · वट सावित्री व्रत

विशाखपट्टणम् का समय

तिथि
मंगलवार, १२ जून २०२९
मंगलवार
पंचांग तिथि
ज्येष्ठ अमावस्या
सूर्योदय
५:२२ am
सूर्यास्त
६:३० pm
चंद्रोदय
५:१५ am
चंद्रास्त
६:४८ pm

विशाखपट्टणम् में शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त११:३० am – १२:२२ pm
राहु काल — त्याज्य३:१३ pm – ४:५२ pm

इस त्योहार के लिए परंपरा में अलग मुहूर्त नहीं है — यह पूरे दिन मनाया जाता है। अभिजित उस दिन का सामान्य शुभ समय है और राहु काल त्याज्य।

विशाखपट्टणम् का आज का पंचांग

वट सावित्री क्या है?

वट सावित्री सावित्री की स्मृति में है, जो यम के पीछे-पीछे जाकर अपने पति के प्राण लौटा लाई थीं। उत्तर भारत में विवाहित स्त्रियां इसे वैशाख की समापन अमावस्या को रखती हैं, और महाराष्ट्र तथा गुजरात में उसके बाद आने वाली पूर्णिमा को — कथा एक, गणनाएं दो।

कैसे मनाया जाता है

स्त्रियां व्रत रखती हैं और वट वृक्ष की परिक्रमा करते हुए उस पर कच्चा सूत लपेटती हैं, और सावित्री का यम से हुआ संवाद दोहराती हैं।

अन्य शहर

आगराअमदाबादअजमेरअलीगढ़अमरावतीअमृतसरआसनसोलऔरंगाबादबैंगलोरबरेलीभावनगरभोपाल

अन्य वर्ष

वट सावित्री 2027वट सावित्री 2028

अन्य त्योहार

बुद्ध पूर्णिमाअक्षय तृतीयारथ यात्रागुरु पूर्णिमाहनुमान जयंतीराम नवमी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विशाखपट्टणम् में वट सावित्री 2029 कब है?

विशाखपट्टणम् में वट सावित्री 2029 मंगलवार, १२ जून २०२९ को है। पंचांग के अनुसार यह ज्येष्ठ अमावस्या है।

क्या विशाखपट्टणम् में वट सावित्री 2029 भारत के समान दिन है?

हाँ। इस वर्ष वट सावित्री विशाखपट्टणम् और भारत दोनों में १२ जून २०२९ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।

वट सावित्री को और किन नामों से जाना जाता है?

वट सावित्री को वट पूर्णिमा, वट सावित्री व्रत भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।