होम › त्योहार › वट सावित्री 2029 › जबलपुर Advertisement
संक्षेप में
जबलपुर में वट सावित्री 2029 मंगलवार, १२ जून २०२९ को है। पंचांग के अनुसार यह ज्येष्ठ अमावस्या है। सूर्योदय ५:२४ am और सूर्यास्त ६:५५ pm पर है।
वट सावित्री आपकी कुंडली के लिए क्या कहता है? अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ और देखें कि उस दिन के गोचर आपकी अपनी कुंडली को कैसे छूते हैं — फिर अपनी कुंडली से कुछ भी पूछें।
अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ, फिर ग्रहवाणी से उसके बारे में कुछ भी पूछें — सरल भाषा में, आपकी अपनी भाषा में। आपके पहले प्रश्न हमारी ओर से।
अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ मेरी कुंडली के बारे में पूछें — निःशुल्क कोई कार्ड नहीं। कुछ इंस्टॉल नहीं करना।
भारत के समान दिन · वट सावित्री 2029 →
अन्य नाम: वट पूर्णिमा · वट सावित्री व्रत
जबलपुर का समय तिथि
मंगलवार, १२ जून २०२९
मंगलवार
पंचांग तिथि
ज्येष्ठ अमावस्या
जबलपुर में शुभ मुहूर्त अभिजित मुहूर्त११:४३ am – १२:३७ pm
राहु काल — त्याज्य३:३२ pm – ५:१४ pm
इस त्योहार के लिए परंपरा में अलग मुहूर्त नहीं है — यह पूरे दिन मनाया जाता है। अभिजित उस दिन का सामान्य शुभ समय है और राहु काल त्याज्य।
आपकी कुंडली, इसी पृष्ठ पर जन्म विवरण भरें और पूरी कुंडली पाएँ — ग्रह, भाव, और अभी चल रही दशा।
मेरी निःशुल्क कुंडली बनाएँ कोई खाता नहीं, कुछ इंस्टॉल नहीं करना।
Advertisement
वट सावित्री क्या है? वट सावित्री सावित्री की स्मृति में है, जो यम के पीछे-पीछे जाकर अपने पति के प्राण लौटा लाई थीं। उत्तर भारत में विवाहित स्त्रियां इसे वैशाख की समापन अमावस्या को रखती हैं, और महाराष्ट्र तथा गुजरात में उसके बाद आने वाली पूर्णिमा को — कथा एक, गणनाएं दो।
कैसे मनाया जाता है स्त्रियां व्रत रखती हैं और वट वृक्ष की परिक्रमा करते हुए उस पर कच्चा सूत लपेटती हैं, और सावित्री का यम से हुआ संवाद दोहराती हैं।
अन्य शहर अन्य वर्ष अन्य त्योहार शुभ मुहूर्त की तिथियाँ Advertisement
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न जबलपुर में वट सावित्री 2029 कब है? जबलपुर में वट सावित्री 2029 मंगलवार, १२ जून २०२९ को है। पंचांग के अनुसार यह ज्येष्ठ अमावस्या है।
क्या जबलपुर में वट सावित्री 2029 भारत के समान दिन है? हाँ। इस वर्ष वट सावित्री जबलपुर और भारत दोनों में १२ जून २०२९ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।
वट सावित्री को और किन नामों से जाना जाता है? वट सावित्री को वट पूर्णिमा, वट सावित्री व्रत भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।
वट सावित्री आपकी कुंडली के लिए क्या कहता है? अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ और देखें कि उस दिन के गोचर आपकी अपनी कुंडली को कैसे छूते हैं — फिर अपनी कुंडली से कुछ भी पूछें।
अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ, फिर ग्रहवाणी से उसके बारे में कुछ भी पूछें — सरल भाषा में, आपकी अपनी भाषा में। आपके पहले प्रश्न हमारी ओर से।
अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ मेरी कुंडली के बारे में पूछें — निःशुल्क कोई कार्ड नहीं। कुछ इंस्टॉल नहीं करना।