विशाखपट्टणम् में वसंत पंचमी 2025 सोमवार, ३ फ़रवरी २०२५ को है। पंचांग के अनुसार यह माघ शुक्ल पक्ष पंचमी है। सूर्योदय ६:२९ am और सूर्यास्त ५:५१ pm पर है।
भारत: २ फ़र॰ २०२५
अन्य नाम: बसंत पंचमी · सरस्वती पूजा
विशाखपट्टणम् का समय
तिथि
सोमवार, ३ फ़रवरी २०२५
सोमवार
पंचांग तिथि
माघ शुक्ल पक्ष पंचमी
सूर्योदय
६:२९ am
सूर्यास्त
५:५१ pm
चंद्रोदय
९:५१ am
चंद्रास्त
१०:३८ pm
विशाखपट्टणम् में शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त११:४७ am – १२:३३ pm
राहु काल — त्याज्य७:५४ am – ९:२० am
इस त्योहार के लिए परंपरा में अलग मुहूर्त नहीं है — यह पूरे दिन मनाया जाता है। अभिजित उस दिन का सामान्य शुभ समय है और राहु काल त्याज्य।
वसंत पंचमी वसंत ऋतु के आगमन का स्वागत करती है और विद्या, संगीत तथा वाणी की देवी सरस्वती को समर्पित है। यह माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को पड़ती है, जब उत्तर भारत के सरसों के खेत पीले पड़ जाते हैं।
कैसे मनाया जाता है
भक्त पीले वस्त्र पहनते हैं, पुस्तकें और वाद्ययंत्र सरस्वती के समक्ष रखकर आशीर्वाद लेते हैं, और परंपरा से छोटे बच्चों का अक्षरारंभ इसी दिन कराया जाता है — कोई भी विद्या आरंभ करने के लिए यह दिन शुभ माना गया है।
विशाखपट्टणम् में वसंत पंचमी 2025 सोमवार, ३ फ़रवरी २०२५ को है। पंचांग के अनुसार यह माघ शुक्ल पक्ष पंचमी है।
क्या विशाखपट्टणम् में वसंत पंचमी 2025 भारत के समान दिन है?
नहीं। विशाखपट्टणम् में वसंत पंचमी ३ फ़र॰ २०२५ को है, जबकि भारत में २ फ़र॰ २०२५ को। तिथि पूरी पृथ्वी पर एक ही क्षण आरंभ होती है, और वह क्षण हर स्थान पर अलग स्थानीय दिन पर पड़ता है।
वसंत पंचमी को और किन नामों से जाना जाता है?
वसंत पंचमी को बसंत पंचमी, सरस्वती पूजा भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।