राम नवमी 2028 in हङकङ

मंगलवार, ४ अप्रैल २०२८· 586 दिन बाद

संक्षेप में

हङकङ में राम नवमी 2028 मंगलवार, ४ अप्रैल २०२८ को है। पंचांग के अनुसार यह चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी है। पूजा मुहूर्त ११:११ am – १२:३७ pm है। सूर्योदय ६:१४ am और सूर्यास्त ६:३८ pm पर है।

भारत: ३ अप्रैल २०२८

अन्य नाम: रामनवमी · श्री राम नवमी

हङकङ का समय

तिथि
मंगलवार, ४ अप्रैल २०२८
मंगलवार
पंचांग तिथि
चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी
सूर्योदय
६:१४ am
सूर्यास्त
६:३८ pm
चंद्रोदय
१:२२ pm
चंद्रास्त
२:०२ am

हङकङ में शुभ मुहूर्त

पूजा मुहूर्त११:११ am – १२:३७ pm
अभिजित मुहूर्त१२:०१ pm – १२:५१ pm
राहु काल — त्याज्य३:३२ pm – ५:०५ pm

ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।

हङकङ का आज का पंचांग

राम नवमी क्या है?

राम नवमी चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी को श्रीराम के जन्म का पर्व है। मान्यता है कि राम का जन्म मध्याह्न में हुआ था, इसलिए तिथि इस आधार पर तय होती है कि नवमी किस दिन के *मध्याह्न* को घेरती है — सूर्योदय से नहीं, जो पूरी तरह दूसरे दिन पड़ सकता है।

कैसे मनाया जाता है

मंदिरों में दिन भर रामायण का पाठ चलता है और दोपहर को बाल राम के विग्रह को पालने में झुलाया जाता है। बहुत से लोग मध्याह्न बीतने तक व्रत रखते हैं।

अन्य शहर

बैंगलोरचेन्नईनई दिल्लीदुबईएडिसनह्यूस्टनहैदराबादकोलकातालंदनमुंबईन्यूयॉर्कपुणे

अन्य वर्ष

राम नवमी 2026राम नवमी 2027राम नवमी 2029

अन्य त्योहार

हनुमान जयंतीउगादिचैत्र नवरात्रिबैसाखीपुथांडुविषु

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हङकङ में राम नवमी 2028 कब है?

हङकङ में राम नवमी 2028 मंगलवार, ४ अप्रैल २०२८ को है। पंचांग के अनुसार यह चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी है।

हङकङ में राम नवमी का पूजा मुहूर्त कब है?

हङकङ में ४ अप्रैल २०२८ को पूजा मुहूर्त ११:११ am – १२:३७ pm है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

क्या हङकङ में राम नवमी 2028 भारत के समान दिन है?

नहीं। हङकङ में राम नवमी ४ अप्रैल २०२८ को है, जबकि भारत में ३ अप्रैल २०२८ को। तिथि पूरी पृथ्वी पर एक ही क्षण आरंभ होती है, और वह क्षण हर स्थान पर अलग स्थानीय दिन पर पड़ता है।

राम नवमी को और किन नामों से जाना जाता है?

राम नवमी को रामनवमी, श्री राम नवमी भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।