राम नवमी 2027 in जबलपुर

गुरुवार, १५ अप्रैल २०२७· 231 दिन बाद

संक्षेप में

जबलपुर में राम नवमी 2027 गुरुवार, १५ अप्रैल २०२७ को है। पंचांग के अनुसार यह चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी है। पूजा मुहूर्त १०:५४ am – १:२१ pm है। सूर्योदय ५:५१ am और सूर्यास्त ६:२९ pm पर है।

भारत के समान दिन

अन्य नाम: रामनवमी · श्री राम नवमी

जबलपुर का समय

तिथि
गुरुवार, १५ अप्रैल २०२७
गुरुवार
पंचांग तिथि
चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी
सूर्योदय
५:५१ am
सूर्यास्त
६:२९ pm
चंद्रोदय
१:१० pm
चंद्रास्त
१:४८ am

जबलपुर में शुभ मुहूर्त

पूजा मुहूर्त१०:५४ am – १:२१ pm
अभिजित मुहूर्त११:४५ am – १२:३५ pm
राहु काल — त्याज्य१:४५ pm – ३:२० pm

ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।

जबलपुर का आज का पंचांग

राम नवमी क्या है?

राम नवमी चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी को श्रीराम के जन्म का पर्व है। मान्यता है कि राम का जन्म मध्याह्न में हुआ था, इसलिए तिथि इस आधार पर तय होती है कि नवमी किस दिन के *मध्याह्न* को घेरती है — सूर्योदय से नहीं, जो पूरी तरह दूसरे दिन पड़ सकता है।

कैसे मनाया जाता है

मंदिरों में दिन भर रामायण का पाठ चलता है और दोपहर को बाल राम के विग्रह को पालने में झुलाया जाता है। बहुत से लोग मध्याह्न बीतने तक व्रत रखते हैं।

अन्य शहर

आगराअमदाबादअजमेरअलीगढ़अमरावतीअमृतसरआसनसोलऔरंगाबादबैंगलोरबरेलीभावनगरभोपाल

अन्य वर्ष

राम नवमी 2025राम नवमी 2026राम नवमी 2028राम नवमी 2029

अन्य त्योहार

विषुबैसाखीपुथांडुहनुमान जयंतीउगादिचैत्र नवरात्रि

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जबलपुर में राम नवमी 2027 कब है?

जबलपुर में राम नवमी 2027 गुरुवार, १५ अप्रैल २०२७ को है। पंचांग के अनुसार यह चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी है।

जबलपुर में राम नवमी का पूजा मुहूर्त कब है?

जबलपुर में १५ अप्रैल २०२७ को पूजा मुहूर्त १०:५४ am – १:२१ pm है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

क्या जबलपुर में राम नवमी 2027 भारत के समान दिन है?

हाँ। इस वर्ष राम नवमी जबलपुर और भारत दोनों में १५ अप्रैल २०२७ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।

राम नवमी को और किन नामों से जाना जाता है?

राम नवमी को रामनवमी, श्री राम नवमी भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।