राम नवमी 2025 in नेपरभिल

शनिवार, ५ अप्रैल २०२५

संक्षेप में

नेपरभिल में राम नवमी 2025 शनिवार, ५ अप्रैल २०२५ को है। पंचांग के अनुसार यह चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी है। पूजा मुहूर्त ११:३८ am – २:१२ pm है। सूर्योदय ६:२९ am और सूर्यास्त ७:२१ pm पर है।

भारत: ६ अप्रैल २०२५

अन्य नाम: रामनवमी · श्री राम नवमी

नेपरभिल का समय

तिथि
शनिवार, ५ अप्रैल २०२५
शनिवार
पंचांग तिथि
चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी
सूर्योदय
६:२९ am
सूर्यास्त
७:२१ pm
चंद्रोदय
१२:०० pm
चंद्रास्त
३:०७ am

नेपरभिल में शुभ मुहूर्त

पूजा मुहूर्त११:३८ am – २:१२ pm
अभिजित मुहूर्त१२:२९ pm – १:२१ pm
राहु काल — त्याज्य९:४२ am – ११:१८ am

ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।

नेपरभिल का आज का पंचांग

राम नवमी क्या है?

राम नवमी चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी को श्रीराम के जन्म का पर्व है। मान्यता है कि राम का जन्म मध्याह्न में हुआ था, इसलिए तिथि इस आधार पर तय होती है कि नवमी किस दिन के *मध्याह्न* को घेरती है — सूर्योदय से नहीं, जो पूरी तरह दूसरे दिन पड़ सकता है।

कैसे मनाया जाता है

मंदिरों में दिन भर रामायण का पाठ चलता है और दोपहर को बाल राम के विग्रह को पालने में झुलाया जाता है। बहुत से लोग मध्याह्न बीतने तक व्रत रखते हैं।

अन्य शहर

अटलांटाअस्टिनबस्तनशार्लटशिकागोकोलंबसडॅलसडेट्राइटएडिसनफ्रिमाँटह्यूस्टनIrvine

अन्य वर्ष

राम नवमी 2024राम नवमी 2026राम नवमी 2027

अन्य त्योहार

उगादिचैत्र नवरात्रिहनुमान जयंतीबैसाखीपुथांडुविषु

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपरभिल में राम नवमी 2025 कब है?

नेपरभिल में राम नवमी 2025 शनिवार, ५ अप्रैल २०२५ को है। पंचांग के अनुसार यह चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी है।

नेपरभिल में राम नवमी का पूजा मुहूर्त कब है?

नेपरभिल में ५ अप्रैल २०२५ को पूजा मुहूर्त ११:३८ am – २:१२ pm है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

क्या नेपरभिल में राम नवमी 2025 भारत के समान दिन है?

नहीं। नेपरभिल में राम नवमी ५ अप्रैल २०२५ को है, जबकि भारत में ६ अप्रैल २०२५ को। तिथि पूरी पृथ्वी पर एक ही क्षण आरंभ होती है, और वह क्षण हर स्थान पर अलग स्थानीय दिन पर पड़ता है।

राम नवमी को और किन नामों से जाना जाता है?

राम नवमी को रामनवमी, श्री राम नवमी भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।