राम नवमी 2024 in रियाद

मंगलवार, १६ अप्रैल २०२४

संक्षेप में

रियाद में राम नवमी 2024 मंगलवार, १६ अप्रैल २०२४ को है। पंचांग के अनुसार यह चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी है। पूजा मुहूर्त १०:५४ am – १:०९ pm है। सूर्योदय ५:३१ am और सूर्यास्त ६:१४ pm पर है।

भारत: १७ अप्रैल २०२४

अन्य नाम: रामनवमी · श्री राम नवमी

रियाद का समय

तिथि
मंगलवार, १६ अप्रैल २०२४
मंगलवार
पंचांग तिथि
चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी
सूर्योदय
५:३१ am
सूर्यास्त
६:१४ pm
चंद्रोदय
११:५४ am
चंद्रास्त
१:०८ am

रियाद में शुभ मुहूर्त

पूजा मुहूर्त१०:५४ am – १:०९ pm
अभिजित मुहूर्त११:२७ am – १२:१८ pm
राहु काल — त्याज्य३:०३ pm – ४:३९ pm

ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।

रियाद का आज का पंचांग

राम नवमी क्या है?

राम नवमी चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी को श्रीराम के जन्म का पर्व है। मान्यता है कि राम का जन्म मध्याह्न में हुआ था, इसलिए तिथि इस आधार पर तय होती है कि नवमी किस दिन के *मध्याह्न* को घेरती है — सूर्योदय से नहीं, जो पूरी तरह दूसरे दिन पड़ सकता है।

कैसे मनाया जाता है

मंदिरों में दिन भर रामायण का पाठ चलता है और दोपहर को बाल राम के विग्रह को पालने में झुलाया जाता है। बहुत से लोग मध्याह्न बीतने तक व्रत रखते हैं।

अन्य शहर

जेद्दाहबैंगलोरचेन्नईनई दिल्लीदुबईएडिसनह्यूस्टनहैदराबादकोलकातालंदनमुंबईन्यूयॉर्क

अन्य वर्ष

राम नवमी 2025राम नवमी 2026

अन्य त्योहार

बैसाखीपुथांडुविषुउगादिचैत्र नवरात्रिहनुमान जयंती

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रियाद में राम नवमी 2024 कब है?

रियाद में राम नवमी 2024 मंगलवार, १६ अप्रैल २०२४ को है। पंचांग के अनुसार यह चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी है।

रियाद में राम नवमी का पूजा मुहूर्त कब है?

रियाद में १६ अप्रैल २०२४ को पूजा मुहूर्त १०:५४ am – १:०९ pm है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

क्या रियाद में राम नवमी 2024 भारत के समान दिन है?

नहीं। रियाद में राम नवमी १६ अप्रैल २०२४ को है, जबकि भारत में १७ अप्रैल २०२४ को। तिथि पूरी पृथ्वी पर एक ही क्षण आरंभ होती है, और वह क्षण हर स्थान पर अलग स्थानीय दिन पर पड़ता है।

राम नवमी को और किन नामों से जाना जाता है?

राम नवमी को रामनवमी, श्री राम नवमी भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।