पुथांडु क्या है?
पुथांडु तमिल नववर्ष है, चित्तिरै मास का पहला दिन, जो चंद्रमा से नहीं बल्कि सूर्य के मेष राशि में प्रवेश से तय होता है। तमिलनाडु इसे सूर्यास्त से गिनता है — यदि सूर्य अस्त होने से पहले मेष में पहुंच जाए तो वही दिन चित्तिरै 1 है। इसी नियम के कारण पुथांडु और केरल का विषु, जो एक ही खगोलीय क्षण हैं, हर वर्ष एक ही दिन नहीं पड़ते।
कैसे मनाया जाता है
नववर्ष का स्वागत “कण्णि” से होता है — फल, स्वर्ण, पान, दर्पण और दीप की थाली, इस तरह सजाई गई कि आंख खुलते ही पहली दृष्टि उसी पर पड़े। मंदिर में नए वर्ष का पंचांग पढ़कर सुनाया जाता है, और भोजन का केंद्र होती है मांगा-पच्चडि, जिसमें छहों रस होते हैं — क्योंकि आने वाले वर्ष में भी वे सब होंगे।