पोंगल 2029 in आगरा

१४ जन॰ २०२९ – १६ जन॰ २०२९· 871 दिन बाद

संक्षेप में

आगरा में पोंगल 2029 रविवार, १४ जनवरी २०२९ को है। यह त्योहार १४ जन॰ २०२९ – १६ जन॰ २०२९ तक चलता है। सूर्योदय ७:१० am और सूर्यास्त ५:४४ pm पर है।

भारत के समान दिन

अन्य नाम: थाई पोंगल · भोगी · मट्टू पोंगल · कानुम पोंगल

आगरा का समय

तिथि
रविवार, १४ जनवरी २०२९
रविवार
अवधि
3 दिन
१४ जन॰ २०२९ – १६ जन॰ २०२९
सूर्योदय
७:१० am
सूर्यास्त
५:४४ pm
चंद्रोदय
६:४२ am
चंद्रास्त
५:२८ pm

आगरा में शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त१२:०५ pm – १२:४८ pm
राहु काल — त्याज्य४:२४ pm – ५:४४ pm

इस त्योहार के लिए परंपरा में अलग मुहूर्त नहीं है — यह पूरे दिन मनाया जाता है। अभिजित उस दिन का सामान्य शुभ समय है और राहु काल त्याज्य।

आगरा का आज का पंचांग

पोंगल क्या है?

पोंगल तमिलनाडु का चार दिवसीय फसल पर्व है, जो थाई मास का आरंभ करता है — परंपरा जिसे वर्ष का सबसे शुभ मास मानती है (“थाई पिरन्दाल वऴि पिरक्कुम” — थाई आते ही राह निकलती है)। थाई पोंगल वही सौर क्षण है जो मकर संक्रांति है, यानी सूर्य का मकर राशि में प्रवेश, इसीलिए यह चंद्र पर्वों की तरह भटकने के बजाय 14 या 15 जनवरी पर टिका रहता है।

कैसे मनाया जाता है

इसकी पूर्वसंध्या भोगी है, जब पुराना सामान जलाकर घर खाली किया जाता है। थाई पोंगल के दिन मिट्टी के बर्तन में नए गुड़ के साथ चावल तब तक पकाया जाता है जब तक वह उबलकर किनारों से बाहर न छलक जाए — उसी क्षण घर भर “पोंगलो पोंगल” पुकार उठता है। मट्टू पोंगल हल जोतने वाले बैलों के नाम है, और कानुम पोंगल स्वजनों से मिलने में बीतता है।

अन्य शहर

अमदाबादअजमेरअलीगढ़अमरावतीअमृतसरआसनसोलऔरंगाबादबैंगलोरबरेलीभावनगरभोपालभुवनेश्वर

अन्य वर्ष

पोंगल 2027पोंगल 2028

अन्य त्योहार

मकर संक्रांतिवसंत पंचमीमहा शिवरात्रिहोलिका दहनहोलीउगादि

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आगरा में पोंगल 2029 कब है?

आगरा में पोंगल 2029 रविवार, १४ जनवरी २०२९ को है।

पोंगल 2029 कितने दिन चलता है?

पोंगल 2029 3 दिन चलता है, १४ जन॰ २०२९ – १६ जन॰ २०२९ तक।

क्या आगरा में पोंगल 2029 भारत के समान दिन है?

हाँ। इस वर्ष पोंगल आगरा और भारत दोनों में १४ जन॰ २०२९ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।

पोंगल को और किन नामों से जाना जाता है?

पोंगल को थाई पोंगल, भोगी, मट्टू पोंगल, कानुम पोंगल भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।