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संक्षेप में
गोरखपुर में पोंगल 2026 बुधवार, १४ जनवरी २०२६ को है। यह त्योहार १४ जन॰ २०२६ – १६ जन॰ २०२६ तक चलता है। सूर्योदय ६:४७ am और सूर्यास्त ५:२३ pm पर है।
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भारत के समान दिन · पोंगल 2026 →
अन्य नाम: थाई पोंगल · भोगी · मट्टू पोंगल · कानुम पोंगल
गोरखपुर का समय तिथि
बुधवार, १४ जनवरी २०२६
बुधवार
अवधि
3 दिन
१४ जन॰ २०२६ – १६ जन॰ २०२६
गोरखपुर में शुभ मुहूर्त राहु काल — त्याज्य१२:०५ pm – १:२५ pm
इस त्योहार के लिए परंपरा में अलग मुहूर्त नहीं है — यह पूरे दिन मनाया जाता है। अभिजित उस दिन का सामान्य शुभ समय है और राहु काल त्याज्य।
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पोंगल क्या है? पोंगल तमिलनाडु का चार दिवसीय फसल पर्व है, जो थाई मास का आरंभ करता है — परंपरा जिसे वर्ष का सबसे शुभ मास मानती है (“थाई पिरन्दाल वऴि पिरक्कुम” — थाई आते ही राह निकलती है)। थाई पोंगल वही सौर क्षण है जो मकर संक्रांति है, यानी सूर्य का मकर राशि में प्रवेश, इसीलिए यह चंद्र पर्वों की तरह भटकने के बजाय 14 या 15 जनवरी पर टिका रहता है।
कैसे मनाया जाता है इसकी पूर्वसंध्या भोगी है, जब पुराना सामान जलाकर घर खाली किया जाता है। थाई पोंगल के दिन मिट्टी के बर्तन में नए गुड़ के साथ चावल तब तक पकाया जाता है जब तक वह उबलकर किनारों से बाहर न छलक जाए — उसी क्षण घर भर “पोंगलो पोंगल” पुकार उठता है। मट्टू पोंगल हल जोतने वाले बैलों के नाम है, और कानुम पोंगल स्वजनों से मिलने में बीतता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न गोरखपुर में पोंगल 2026 कब है? गोरखपुर में पोंगल 2026 बुधवार, १४ जनवरी २०२६ को है।
पोंगल 2026 कितने दिन चलता है? पोंगल 2026 3 दिन चलता है, १४ जन॰ २०२६ – १६ जन॰ २०२६ तक।
क्या गोरखपुर में पोंगल 2026 भारत के समान दिन है? हाँ। इस वर्ष पोंगल गोरखपुर और भारत दोनों में १४ जन॰ २०२६ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।
पोंगल को और किन नामों से जाना जाता है? पोंगल को थाई पोंगल, भोगी, मट्टू पोंगल, कानुम पोंगल भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।
पोंगल आपकी कुंडली के लिए क्या कहता है? अपनी निःशुल्क कुंडली बनाएँ और देखें कि उस दिन के गोचर आपकी अपनी कुंडली को कैसे छूते हैं — फिर अपनी कुंडली से कुछ भी पूछें।
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