पोंगल 2024 in नेपरभिल

१४ जन॰ २०२४ – १६ जन॰ २०२४

संक्षेप में

नेपरभिल में पोंगल 2024 रविवार, १४ जनवरी २०२४ को है। यह त्योहार १४ जन॰ २०२४ – १६ जन॰ २०२४ तक चलता है। सूर्योदय ७:१९ am और सूर्यास्त ४:४३ pm पर है।

भारत: १५ जन॰ २०२४

अन्य नाम: थाई पोंगल · भोगी · मट्टू पोंगल · कानुम पोंगल

नेपरभिल का समय

तिथि
रविवार, १४ जनवरी २०२४
रविवार
अवधि
3 दिन
१४ जन॰ २०२४ – १६ जन॰ २०२४
सूर्योदय
७:१९ am
सूर्यास्त
४:४३ pm
चंद्रोदय
९:४५ am
चंद्रास्त
८:४८ pm

नेपरभिल में शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त११:४२ am – १२:२० pm
राहु काल — त्याज्य३:३३ pm – ४:४३ pm

इस त्योहार के लिए परंपरा में अलग मुहूर्त नहीं है — यह पूरे दिन मनाया जाता है। अभिजित उस दिन का सामान्य शुभ समय है और राहु काल त्याज्य।

नेपरभिल का आज का पंचांग

पोंगल क्या है?

पोंगल तमिलनाडु का चार दिवसीय फसल पर्व है, जो थाई मास का आरंभ करता है — परंपरा जिसे वर्ष का सबसे शुभ मास मानती है (“थाई पिरन्दाल वऴि पिरक्कुम” — थाई आते ही राह निकलती है)। थाई पोंगल वही सौर क्षण है जो मकर संक्रांति है, यानी सूर्य का मकर राशि में प्रवेश, इसीलिए यह चंद्र पर्वों की तरह भटकने के बजाय 14 या 15 जनवरी पर टिका रहता है।

कैसे मनाया जाता है

इसकी पूर्वसंध्या भोगी है, जब पुराना सामान जलाकर घर खाली किया जाता है। थाई पोंगल के दिन मिट्टी के बर्तन में नए गुड़ के साथ चावल तब तक पकाया जाता है जब तक वह उबलकर किनारों से बाहर न छलक जाए — उसी क्षण घर भर “पोंगलो पोंगल” पुकार उठता है। मट्टू पोंगल हल जोतने वाले बैलों के नाम है, और कानुम पोंगल स्वजनों से मिलने में बीतता है।

अन्य शहर

अटलांटाअस्टिनबस्तनशार्लटशिकागोकोलंबसडॅलसडेट्राइटएडिसनफ्रिमाँटह्यूस्टनIrvine

अन्य वर्ष

पोंगल 2025पोंगल 2026

अन्य त्योहार

मकर संक्रांतिवसंत पंचमीमहा शिवरात्रिहोलिका दहनहोलीउगादि

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपरभिल में पोंगल 2024 कब है?

नेपरभिल में पोंगल 2024 रविवार, १४ जनवरी २०२४ को है।

पोंगल 2024 कितने दिन चलता है?

पोंगल 2024 3 दिन चलता है, १४ जन॰ २०२४ – १६ जन॰ २०२४ तक।

क्या नेपरभिल में पोंगल 2024 भारत के समान दिन है?

नहीं। नेपरभिल में पोंगल १४ जन॰ २०२४ को है, जबकि भारत में १५ जन॰ २०२४ को। तिथि पूरी पृथ्वी पर एक ही क्षण आरंभ होती है, और वह क्षण हर स्थान पर अलग स्थानीय दिन पर पड़ता है।

पोंगल को और किन नामों से जाना जाता है?

पोंगल को थाई पोंगल, भोगी, मट्टू पोंगल, कानुम पोंगल भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।