महा शिवरात्रि 2027 in तिरुनलवेली

शनिवार, ६ मार्च २०२७· 191 दिन बाद

संक्षेप में

तिरुनलवेली में महा शिवरात्रि 2027 शनिवार, ६ मार्च २०२७ को है। पंचांग के अनुसार यह फाल्गुन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी है। निशीथ पूजा मुहूर्त १२:०६ am – १२:५४ am है। सूर्योदय ६:३१ am और सूर्यास्त ६:२९ pm पर है।

भारत के समान दिन

अन्य नाम: शिवरात्रि · महाशिवरात्रि

तिरुनलवेली का समय

तिथि
शनिवार, ६ मार्च २०२७
शनिवार
पंचांग तिथि
फाल्गुन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी
सूर्योदय
६:३१ am
सूर्यास्त
६:२९ pm
चंद्रोदय
४:५८ am
चंद्रास्त
४:५८ pm

तिरुनलवेली में शुभ मुहूर्त

निशीथ पूजा मुहूर्त१२:०६ am – १२:५४ am७ मार्च २०२७
अभिजित मुहूर्त१२:०६ pm – १२:५४ pm
राहु काल — त्याज्य९:३१ am – ११:०० am

ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।

तिरुनलवेली का आज का पंचांग

महा शिवरात्रि क्या है?

महाशिवरात्रि — “शिव की महान रात्रि” — माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी की रात को पड़ती है। अधिकांश पर्वों से अलग इसकी तिथि सूर्योदय से नहीं, बल्कि *अर्धरात्रि* की स्थिति से तय होती है, क्योंकि व्रत का सार दिन नहीं, रात्रि जागरण है।

कैसे मनाया जाता है

भक्त दिन भर उपवास रखते हैं और रात भर जागकर चार प्रहरों में शिवलिंग पर जल, दूध और बिल्वपत्र अर्पित करते हैं। नीचे दिया गया निशीथ काल इन चारों में सबसे शुभ है।

अन्य शहर

आगराअमदाबादअजमेरअलीगढ़अमरावतीअमृतसरआसनसोलऔरंगाबादबैंगलोरबरेलीभावनगरभोपाल

अन्य वर्ष

महा शिवरात्रि 2025महा शिवरात्रि 2026महा शिवरात्रि 2028महा शिवरात्रि 2029

अन्य त्योहार

होलिका दहनहोलीवसंत पंचमीउगादिचैत्र नवरात्रिबैसाखी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तिरुनलवेली में महा शिवरात्रि 2027 कब है?

तिरुनलवेली में महा शिवरात्रि 2027 शनिवार, ६ मार्च २०२७ को है। पंचांग के अनुसार यह फाल्गुन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी है।

तिरुनलवेली में महा शिवरात्रि का निशीथ पूजा मुहूर्त कब है?

तिरुनलवेली में ६ मार्च २०२७ को निशीथ पूजा मुहूर्त १२:०६ am – १२:५४ am है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

क्या तिरुनलवेली में महा शिवरात्रि 2027 भारत के समान दिन है?

हाँ। इस वर्ष महा शिवरात्रि तिरुनलवेली और भारत दोनों में ६ मार्च २०२७ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।

महा शिवरात्रि को और किन नामों से जाना जाता है?

महा शिवरात्रि को शिवरात्रि, महाशिवरात्रि भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।