महानवमी शारदीय नवरात्रि की नौवीं और अंतिम रात है, जो दशहरे से पहले देवी की आराधना को पूर्ण करती है। दक्षिण में यह आयुध पूजा है, वह दिन जब औज़ारों और वाद्यों का सम्मान किया जाता है।
कैसे मनाया जाता है
शस्त्र, पुस्तकें, वाहन और मशीनें साफ़ की जाती हैं, उन पर माला चढ़ाई जाती है और दिन भर उन्हें काम में नहीं लिया जाता। कन्या पूजन के बाद नवरात्रि का व्रत खोला जाता है।
दोहा में महा नवमी 2028 मंगलवार, २६ सितंबर २०२८ को है। पंचांग के अनुसार यह आश्विन शुक्ल पक्ष नवमी है।
क्या दोहा में महा नवमी 2028 भारत के समान दिन है?
नहीं। दोहा में महा नवमी २६ सित॰ २०२८ को है, जबकि भारत में २७ सित॰ २०२८ को। तिथि पूरी पृथ्वी पर एक ही क्षण आरंभ होती है, और वह क्षण हर स्थान पर अलग स्थानीय दिन पर पड़ता है।
महा नवमी को और किन नामों से जाना जाता है?
महा नवमी को महानवमी, आयुध पूजा भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।