कल्लाकुरिचि में कार्तिक पूर्णिमा 2027 रविवार, १४ नवंबर २०२७ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक पूर्णिमा है। सूर्योदय ६:११ am और सूर्यास्त ५:४५ pm पर है।
भारत के समान दिन
अन्य नाम: देव दिवाली · त्रिपुरी पूर्णिमा · गुरु नानक जयंती
कल्लाकुरिचि का समय
तिथि
रविवार, १४ नवंबर २०२७
रविवार
पंचांग तिथि
कार्तिक पूर्णिमा
सूर्योदय
६:११ am
सूर्यास्त
५:४५ pm
चंद्रोदय
५:५३ pm
चंद्रास्त
६:०४ am
कल्लाकुरिचि में शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त११:३५ am – १२:२१ pm
राहु काल — त्याज्य४:१८ pm – ५:४५ pm
इस त्योहार के लिए परंपरा में अलग मुहूर्त नहीं है — यह पूरे दिन मनाया जाता है। अभिजित उस दिन का सामान्य शुभ समय है और राहु काल त्याज्य।
कार्तिक की पूर्णिमा देव दीपावली — “देवताओं की दीपावली” — के रूप में और त्रिपुरी पूर्णिमा के रूप में मनाई जाती है, जो त्रिपुरासुर के तीनों नगरों के शिव द्वारा संहार की स्मृति है। इसी दिन गुरु नानक जयंती भी मनाई जाती है।
कैसे मनाया जाता है
संध्या को वाराणसी के घाट दीपों की कतारों से भर जाते हैं। भोर में नदी-स्नान और संध्या को दीपदान इस दिन के सामान्य आचार हैं।
कल्लाकुरिचि में कार्तिक पूर्णिमा 2027 रविवार, १४ नवंबर २०२७ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक पूर्णिमा है।
क्या कल्लाकुरिचि में कार्तिक पूर्णिमा 2027 भारत के समान दिन है?
हाँ। इस वर्ष कार्तिक पूर्णिमा कल्लाकुरिचि और भारत दोनों में १४ नव॰ २०२७ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।
कार्तिक पूर्णिमा को और किन नामों से जाना जाता है?
कार्तिक पूर्णिमा को देव दिवाली, त्रिपुरी पूर्णिमा, गुरु नानक जयंती भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।