श्रीनगर में होलिका दहन 2029 बुधवार, २८ फ़रवरी २०२९ को है। पंचांग के अनुसार यह फाल्गुन पूर्णिमा है। होलिका दहन मुहूर्त ६:२५ pm – ८:४९ pm है। सूर्योदय ७:०१ am और सूर्यास्त ६:२५ pm पर है।
भारत के समान दिन
अन्य नाम: छोटी होली · होलिका दहनम
श्रीनगर का समय
तिथि
बुधवार, २८ फ़रवरी २०२९
बुधवार
पंचांग तिथि
फाल्गुन पूर्णिमा
सूर्योदय
७:०१ am
सूर्यास्त
६:२५ pm
चंद्रोदय
६:१६ pm
चंद्रास्त
६:२१ am
श्रीनगर में शुभ मुहूर्त
होलिका दहन मुहूर्त६:२५ pm – ८:४९ pm
भद्रा — त्याज्य२:०५ am – १२:२५ pm
राहु काल — त्याज्य१२:४३ pm – २:०८ pm
ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।
होलिका दहन होली की पूर्वसंध्या पर जलाई जाने वाली अग्नि है, जिसमें होलिका के साथ वर्ष भर का संचित अनिष्ट भी भस्म होता है। यह फाल्गुन की पूर्णिमा को, सूर्यास्त के ठीक बाद के प्रदोष काल में प्रज्वलित की जाती है।
कैसे मनाया जाता है
मोहल्ले चौराहे या खुले मैदान में चिता सजाते हैं और अनाज तथा नारियल की आहुति देते हुए उसकी परिक्रमा करते हैं। अग्नि भद्रा में नहीं जलाई जा सकती — यह अशुभ अर्ध-तिथि प्रायः संध्या को घेर लेती है, ऐसे में दहन भद्रा के बीतने की प्रतीक्षा करता है, और यदि भद्रा अर्धरात्रि के पार चली जाए तो पूरा आयोजन अगले दिन खिसक जाता है।
श्रीनगर में होलिका दहन 2029 बुधवार, २८ फ़रवरी २०२९ को है। पंचांग के अनुसार यह फाल्गुन पूर्णिमा है।
श्रीनगर में होलिका दहन का होलिका दहन मुहूर्त कब है?
श्रीनगर में २८ फ़र॰ २०२९ को होलिका दहन मुहूर्त ६:२५ pm – ८:४९ pm है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।
श्रीनगर में होलिका दहन पर भद्रा है क्या?
हाँ — श्रीनगर में २८ फ़र॰ २०२९ को भद्रा २:०५ am – १२:२५ pm तक रहती है। भद्रा में शुभ कार्य आरंभ नहीं किए जाते। ऊपर दिया मुहूर्त (६:२५ pm – ८:४९ pm) भद्रा को पहले ही छोड़ देता है, इसलिए वह समय शुद्ध है।
क्या श्रीनगर में होलिका दहन 2029 भारत के समान दिन है?
हाँ। इस वर्ष होलिका दहन श्रीनगर और भारत दोनों में २८ फ़र॰ २०२९ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।
होलिका दहन को और किन नामों से जाना जाता है?
होलिका दहन को छोटी होली, होलिका दहनम भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।