होलिका दहन 2026 in पटना

मंगलवार, ३ मार्च २०२६

संक्षेप में

पटना में होलिका दहन 2026 मंगलवार, ३ मार्च २०२६ को है। पंचांग के अनुसार यह फाल्गुन पूर्णिमा है। होलिका दहन मुहूर्त ५:५१ pm – ८:१५ pm है। सूर्योदय ६:११ am और सूर्यास्त ५:५१ pm पर है।

भारत के समान दिन

अन्य नाम: छोटी होली · होलिका दहनम

पटना का समय

तिथि
मंगलवार, ३ मार्च २०२६
मंगलवार
पंचांग तिथि
फाल्गुन पूर्णिमा
सूर्योदय
६:११ am
सूर्यास्त
५:५१ pm
चंद्रोदय
५:५१ pm
चंद्रास्त
५:५६ am

पटना में शुभ मुहूर्त

होलिका दहन मुहूर्त५:५१ pm – ८:१५ pm
अभिजित मुहूर्त११:३८ am – १२:२४ pm
राहु काल — त्याज्य२:५६ pm – ४:२३ pm

ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।

पटना का आज का पंचांग

होलिका दहन क्या है?

होलिका दहन होली की पूर्वसंध्या पर जलाई जाने वाली अग्नि है, जिसमें होलिका के साथ वर्ष भर का संचित अनिष्ट भी भस्म होता है। यह फाल्गुन की पूर्णिमा को, सूर्यास्त के ठीक बाद के प्रदोष काल में प्रज्वलित की जाती है।

कैसे मनाया जाता है

मोहल्ले चौराहे या खुले मैदान में चिता सजाते हैं और अनाज तथा नारियल की आहुति देते हुए उसकी परिक्रमा करते हैं। अग्नि भद्रा में नहीं जलाई जा सकती — यह अशुभ अर्ध-तिथि प्रायः संध्या को घेर लेती है, ऐसे में दहन भद्रा के बीतने की प्रतीक्षा करता है, और यदि भद्रा अर्धरात्रि के पार चली जाए तो पूरा आयोजन अगले दिन खिसक जाता है।

अन्य शहर

आगराअमदाबादअजमेरअलीगढ़अमरावतीअमृतसरआसनसोलऔरंगाबादबैंगलोरबरेलीभावनगरभोपाल

अन्य वर्ष

होलिका दहन 2024होलिका दहन 2025होलिका दहन 2027होलिका दहन 2028

अन्य त्योहार

होलीमहा शिवरात्रिउगादिचैत्र नवरात्रिराम नवमीहनुमान जयंती

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना में होलिका दहन 2026 कब है?

पटना में होलिका दहन 2026 मंगलवार, ३ मार्च २०२६ को है। पंचांग के अनुसार यह फाल्गुन पूर्णिमा है।

पटना में होलिका दहन का होलिका दहन मुहूर्त कब है?

पटना में ३ मार्च २०२६ को होलिका दहन मुहूर्त ५:५१ pm – ८:१५ pm है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

क्या पटना में होलिका दहन 2026 भारत के समान दिन है?

हाँ। इस वर्ष होलिका दहन पटना और भारत दोनों में ३ मार्च २०२६ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।

होलिका दहन को और किन नामों से जाना जाता है?

होलिका दहन को छोटी होली, होलिका दहनम भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।