होलिका दहन 2025 in हङकङ

शुक्रवार, १४ मार्च २०२५

संक्षेप में

हङकङ में होलिका दहन 2025 शुक्रवार, १४ मार्च २०२५ को है। पंचांग के अनुसार यह फाल्गुन पूर्णिमा है। होलिका दहन मुहूर्त ६:३१ pm – ८:५५ pm है। सूर्योदय ६:३४ am और सूर्यास्त ६:३१ pm पर है।

भारत: १३ मार्च २०२५

अन्य नाम: छोटी होली · होलिका दहनम

हङकङ का समय

तिथि
शुक्रवार, १४ मार्च २०२५
शुक्रवार
पंचांग तिथि
फाल्गुन पूर्णिमा
सूर्योदय
६:३४ am
सूर्यास्त
६:३१ pm
चंद्रोदय
६:३७ pm
चंद्रास्त
६:२५ am

हङकङ में शुभ मुहूर्त

होलिका दहन मुहूर्त६:३१ pm – ८:५५ pm
अभिजित मुहूर्त१२:०८ pm – १२:५६ pm
राहु काल — त्याज्य११:०३ am – १२:३२ pm

ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।

हङकङ का आज का पंचांग

होलिका दहन क्या है?

होलिका दहन होली की पूर्वसंध्या पर जलाई जाने वाली अग्नि है, जिसमें होलिका के साथ वर्ष भर का संचित अनिष्ट भी भस्म होता है। यह फाल्गुन की पूर्णिमा को, सूर्यास्त के ठीक बाद के प्रदोष काल में प्रज्वलित की जाती है।

कैसे मनाया जाता है

मोहल्ले चौराहे या खुले मैदान में चिता सजाते हैं और अनाज तथा नारियल की आहुति देते हुए उसकी परिक्रमा करते हैं। अग्नि भद्रा में नहीं जलाई जा सकती — यह अशुभ अर्ध-तिथि प्रायः संध्या को घेर लेती है, ऐसे में दहन भद्रा के बीतने की प्रतीक्षा करता है, और यदि भद्रा अर्धरात्रि के पार चली जाए तो पूरा आयोजन अगले दिन खिसक जाता है।

अन्य शहर

बैंगलोरचेन्नईनई दिल्लीदुबईएडिसनह्यूस्टनहैदराबादकोलकातालंदनमुंबईन्यूयॉर्कपुणे

अन्य वर्ष

होलिका दहन 2024होलिका दहन 2026होलिका दहन 2027

अन्य त्योहार

होलीमहा शिवरात्रिउगादिचैत्र नवरात्रिराम नवमीहनुमान जयंती

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हङकङ में होलिका दहन 2025 कब है?

हङकङ में होलिका दहन 2025 शुक्रवार, १४ मार्च २०२५ को है। पंचांग के अनुसार यह फाल्गुन पूर्णिमा है।

हङकङ में होलिका दहन का होलिका दहन मुहूर्त कब है?

हङकङ में १४ मार्च २०२५ को होलिका दहन मुहूर्त ६:३१ pm – ८:५५ pm है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

क्या हङकङ में होलिका दहन 2025 भारत के समान दिन है?

नहीं। हङकङ में होलिका दहन १४ मार्च २०२५ को है, जबकि भारत में १३ मार्च २०२५ को। तिथि पूरी पृथ्वी पर एक ही क्षण आरंभ होती है, और वह क्षण हर स्थान पर अलग स्थानीय दिन पर पड़ता है।

होलिका दहन को और किन नामों से जाना जाता है?

होलिका दहन को छोटी होली, होलिका दहनम भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।