गोवर्धन पूजा 2029 in नवरंगपुर

बुधवार, ७ नवंबर २०२९· 1168 दिन बाद

संक्षेप में

नवरंगपुर में गोवर्धन पूजा 2029 बुधवार, ७ नवंबर २०२९ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा है। पूजा मुहूर्त ६:०४ am – ६:०८ am है। सूर्योदय ६:०४ am और सूर्यास्त ५:२२ pm पर है।

भारत: ६ नव॰ २०२९

अन्य नाम: अन्नकूट · पड़वा · बलि प्रतिपदा

नवरंगपुर का समय

तिथि
बुधवार, ७ नवंबर २०२९
बुधवार
पंचांग तिथि
कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा
सूर्योदय
६:०४ am
सूर्यास्त
५:२२ pm
चंद्रोदय
७:०६ am
चंद्रास्त
६:२५ pm

नवरंगपुर में शुभ मुहूर्त

पूजा मुहूर्त६:०४ am – ६:०८ am
राहु काल — त्याज्य११:४३ am – १:०८ pm

ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।

नवरंगपुर का आज का पंचांग

गोवर्धन पूजा क्या है?

गोवर्धन पूजा उस प्रसंग की स्मृति है जब कृष्ण ने इंद्र के प्रकोप से ब्रज को बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अंगुली की नोक पर उठा लिया था। यह दीपावली के अगले दिन, कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को पड़ती है।

कैसे मनाया जाता है

भगवान के समक्ष अन्नकूट — “अन्न का पर्वत” — सजाया जाता है और फिर सबमें बांटा जाता है। गुजरात में यही दिन नववर्ष के रूप में मनाया जाता है।

अन्य शहर

आगराअमदाबादअजमेरअलीगढ़अमरावतीअमृतसरआसनसोलऔरंगाबादबैंगलोरबरेलीभावनगरभोपाल

अन्य वर्ष

गोवर्धन पूजा 2027गोवर्धन पूजा 2028

अन्य त्योहार

भाई दूजनरक चतुर्दशीदिवालीधनतेरसछठ पूजाकरवा चौथ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नवरंगपुर में गोवर्धन पूजा 2029 कब है?

नवरंगपुर में गोवर्धन पूजा 2029 बुधवार, ७ नवंबर २०२९ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा है।

नवरंगपुर में गोवर्धन पूजा का पूजा मुहूर्त कब है?

नवरंगपुर में ७ नव॰ २०२९ को पूजा मुहूर्त ६:०४ am – ६:०८ am है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

क्या नवरंगपुर में गोवर्धन पूजा 2029 भारत के समान दिन है?

नहीं। नवरंगपुर में गोवर्धन पूजा ७ नव॰ २०२९ को है, जबकि भारत में ६ नव॰ २०२९ को। तिथि पूरी पृथ्वी पर एक ही क्षण आरंभ होती है, और वह क्षण हर स्थान पर अलग स्थानीय दिन पर पड़ता है।

गोवर्धन पूजा को और किन नामों से जाना जाता है?

गोवर्धन पूजा को अन्नकूट, पड़वा, बलि प्रतिपदा भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।