गोवर्धन पूजा 2028 in सीऐटल

बुधवार, १८ अक्टूबर २०२८· 783 दिन बाद

संक्षेप में

सीऐटल में गोवर्धन पूजा 2028 बुधवार, १८ अक्टूबर २०२८ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा है। पूजा मुहूर्त ७:३४ am – ९:४२ am है। सूर्योदय ७:३४ am और सूर्यास्त ६:१२ pm पर है।

भारत के समान दिन

अन्य नाम: अन्नकूट · पड़वा · बलि प्रतिपदा

सीऐटल का समय

तिथि
बुधवार, १८ अक्टूबर २०२८
बुधवार
पंचांग तिथि
कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा
सूर्योदय
७:३४ am
सूर्यास्त
६:१२ pm
चंद्रोदय
८:३७ am
चंद्रास्त
६:०६ pm

सीऐटल में शुभ मुहूर्त

पूजा मुहूर्त७:३४ am – ९:४२ am
सायंकाल पूजा मुहूर्त४:०५ pm – ४:३१ pm
राहु काल — त्याज्य१२:५३ pm – २:१३ pm

ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।

सीऐटल का आज का पंचांग

गोवर्धन पूजा क्या है?

गोवर्धन पूजा उस प्रसंग की स्मृति है जब कृष्ण ने इंद्र के प्रकोप से ब्रज को बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अंगुली की नोक पर उठा लिया था। यह दीपावली के अगले दिन, कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को पड़ती है।

कैसे मनाया जाता है

भगवान के समक्ष अन्नकूट — “अन्न का पर्वत” — सजाया जाता है और फिर सबमें बांटा जाता है। गुजरात में यही दिन नववर्ष के रूप में मनाया जाता है।

अन्य शहर

अटलांटाअस्टिनबस्तनशार्लटशिकागोकोलंबसडॅलसडेट्राइटएडिसनफ्रिमाँटह्यूस्टनIrvine

अन्य वर्ष

गोवर्धन पूजा 2026गोवर्धन पूजा 2027गोवर्धन पूजा 2029

अन्य त्योहार

दिवालीभाई दूजनरक चतुर्दशीधनतेरसछठ पूजाकरवा चौथ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीऐटल में गोवर्धन पूजा 2028 कब है?

सीऐटल में गोवर्धन पूजा 2028 बुधवार, १८ अक्टूबर २०२८ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा है।

सीऐटल में गोवर्धन पूजा का पूजा मुहूर्त कब है?

सीऐटल में १८ अक्टू॰ २०२८ को पूजा मुहूर्त ७:३४ am – ९:४२ am है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

क्या सीऐटल में गोवर्धन पूजा 2028 भारत के समान दिन है?

हाँ। इस वर्ष गोवर्धन पूजा सीऐटल और भारत दोनों में १८ अक्टू॰ २०२८ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।

गोवर्धन पूजा को और किन नामों से जाना जाता है?

गोवर्धन पूजा को अन्नकूट, पड़वा, बलि प्रतिपदा भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।