गोवर्धन पूजा 2027 in तिरुनलवेली

शनिवार, ३० अक्टूबर २०२७· 429 दिन बाद

संक्षेप में

तिरुनलवेली में गोवर्धन पूजा 2027 शनिवार, ३० अक्टूबर २०२७ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा है। पूजा मुहूर्त ६:०८ am – ८:३० am है। सूर्योदय ६:०८ am और सूर्यास्त ५:५६ pm पर है।

भारत के समान दिन

अन्य नाम: अन्नकूट · पड़वा · बलि प्रतिपदा

तिरुनलवेली का समय

तिथि
शनिवार, ३० अक्टूबर २०२७
शनिवार
पंचांग तिथि
कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा
सूर्योदय
६:०८ am
सूर्यास्त
५:५६ pm
चंद्रोदय
६:३४ am
चंद्रास्त
६:३० pm

तिरुनलवेली में शुभ मुहूर्त

पूजा मुहूर्त६:०८ am – ८:३० am
सायंकाल पूजा मुहूर्त३:३५ pm – ५:५२ pm
अभिजित मुहूर्त११:३९ am – १२:२६ pm
राहु काल — त्याज्य९:०५ am – १०:३४ am

ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।

तिरुनलवेली का आज का पंचांग

गोवर्धन पूजा क्या है?

गोवर्धन पूजा उस प्रसंग की स्मृति है जब कृष्ण ने इंद्र के प्रकोप से ब्रज को बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अंगुली की नोक पर उठा लिया था। यह दीपावली के अगले दिन, कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को पड़ती है।

कैसे मनाया जाता है

भगवान के समक्ष अन्नकूट — “अन्न का पर्वत” — सजाया जाता है और फिर सबमें बांटा जाता है। गुजरात में यही दिन नववर्ष के रूप में मनाया जाता है।

अन्य शहर

आगराअमदाबादअजमेरअलीगढ़अमरावतीअमृतसरआसनसोलऔरंगाबादबैंगलोरबरेलीभावनगरभोपाल

अन्य वर्ष

गोवर्धन पूजा 2025गोवर्धन पूजा 2026गोवर्धन पूजा 2028गोवर्धन पूजा 2029

अन्य त्योहार

दिवालीभाई दूजनरक चतुर्दशीधनतेरसछठ पूजाकरवा चौथ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तिरुनलवेली में गोवर्धन पूजा 2027 कब है?

तिरुनलवेली में गोवर्धन पूजा 2027 शनिवार, ३० अक्टूबर २०२७ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा है।

तिरुनलवेली में गोवर्धन पूजा का पूजा मुहूर्त कब है?

तिरुनलवेली में ३० अक्टू॰ २०२७ को पूजा मुहूर्त ६:०८ am – ८:३० am है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

क्या तिरुनलवेली में गोवर्धन पूजा 2027 भारत के समान दिन है?

हाँ। इस वर्ष गोवर्धन पूजा तिरुनलवेली और भारत दोनों में ३० अक्टू॰ २०२७ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।

गोवर्धन पूजा को और किन नामों से जाना जाता है?

गोवर्धन पूजा को अन्नकूट, पड़वा, बलि प्रतिपदा भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।