गोवर्धन पूजा 2027 in नेपरभिल

शुक्रवार, २९ अक्टूबर २०२७· 428 दिन बाद

संक्षेप में

नेपरभिल में गोवर्धन पूजा 2027 शुक्रवार, २९ अक्टूबर २०२७ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा है। पूजा मुहूर्त ८:३६ am – ९:२७ am है। सूर्योदय ७:२२ am और सूर्यास्त ५:४९ pm पर है।

भारत: ३० अक्टू॰ २०२७

अन्य नाम: अन्नकूट · पड़वा · बलि प्रतिपदा

नेपरभिल का समय

तिथि
शुक्रवार, २९ अक्टूबर २०२७
शुक्रवार
पंचांग तिथि
कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा
सूर्योदय
७:२२ am
सूर्यास्त
५:४९ pm
चंद्रोदय
७:३६ am
चंद्रास्त
५:३० pm

नेपरभिल में शुभ मुहूर्त

पूजा मुहूर्त८:३६ am – ९:२७ am
सायंकाल पूजा मुहूर्त३:४४ pm – ५:४९ pm
अभिजित मुहूर्त१२:१५ pm – १२:५६ pm
राहु काल — त्याज्य११:१७ am – १२:३६ pm

ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।

नेपरभिल का आज का पंचांग

गोवर्धन पूजा क्या है?

गोवर्धन पूजा उस प्रसंग की स्मृति है जब कृष्ण ने इंद्र के प्रकोप से ब्रज को बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अंगुली की नोक पर उठा लिया था। यह दीपावली के अगले दिन, कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को पड़ती है।

कैसे मनाया जाता है

भगवान के समक्ष अन्नकूट — “अन्न का पर्वत” — सजाया जाता है और फिर सबमें बांटा जाता है। गुजरात में यही दिन नववर्ष के रूप में मनाया जाता है।

अन्य शहर

अटलांटाअस्टिनबस्तनशार्लटशिकागोकोलंबसडॅलसडेट्राइटएडिसनफ्रिमाँटह्यूस्टनIrvine

अन्य वर्ष

गोवर्धन पूजा 2025गोवर्धन पूजा 2026गोवर्धन पूजा 2028गोवर्धन पूजा 2029

अन्य त्योहार

नरक चतुर्दशीदिवालीभाई दूजधनतेरसछठ पूजाकरवा चौथ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपरभिल में गोवर्धन पूजा 2027 कब है?

नेपरभिल में गोवर्धन पूजा 2027 शुक्रवार, २९ अक्टूबर २०२७ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा है।

नेपरभिल में गोवर्धन पूजा का पूजा मुहूर्त कब है?

नेपरभिल में २९ अक्टू॰ २०२७ को पूजा मुहूर्त ८:३६ am – ९:२७ am है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

क्या नेपरभिल में गोवर्धन पूजा 2027 भारत के समान दिन है?

नहीं। नेपरभिल में गोवर्धन पूजा २९ अक्टू॰ २०२७ को है, जबकि भारत में ३० अक्टू॰ २०२७ को। तिथि पूरी पृथ्वी पर एक ही क्षण आरंभ होती है, और वह क्षण हर स्थान पर अलग स्थानीय दिन पर पड़ता है।

गोवर्धन पूजा को और किन नामों से जाना जाता है?

गोवर्धन पूजा को अन्नकूट, पड़वा, बलि प्रतिपदा भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।