राली में गोवर्धन पूजा 2026 सोमवार, ९ नवंबर २०२६ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा है। पूजा मुहूर्त ६:४५ am – ८:५० am है। सूर्योदय ६:४५ am और सूर्यास्त ५:१० pm पर है।
भारत: १० नव॰ २०२६
अन्य नाम: अन्नकूट · पड़वा · बलि प्रतिपदा
राली का समय
तिथि
सोमवार, ९ नवंबर २०२६
सोमवार
पंचांग तिथि
कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा
सूर्योदय
६:४५ am
सूर्यास्त
५:१० pm
चंद्रोदय
७:१३ am
चंद्रास्त
५:०६ pm
राली में शुभ मुहूर्त
पूजा मुहूर्त६:४५ am – ८:५० am
सायंकाल पूजा मुहूर्त३:०५ pm – ५:१० pm
अभिजित मुहूर्त११:३७ am – १२:१९ pm
राहु काल — त्याज्य८:०३ am – ९:२२ am
ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।
गोवर्धन पूजा उस प्रसंग की स्मृति है जब कृष्ण ने इंद्र के प्रकोप से ब्रज को बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अंगुली की नोक पर उठा लिया था। यह दीपावली के अगले दिन, कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को पड़ती है।
कैसे मनाया जाता है
भगवान के समक्ष अन्नकूट — “अन्न का पर्वत” — सजाया जाता है और फिर सबमें बांटा जाता है। गुजरात में यही दिन नववर्ष के रूप में मनाया जाता है।
राली में गोवर्धन पूजा 2026 सोमवार, ९ नवंबर २०२६ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा है।
राली में गोवर्धन पूजा का पूजा मुहूर्त कब है?
राली में ९ नव॰ २०२६ को पूजा मुहूर्त ६:४५ am – ८:५० am है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।
क्या राली में गोवर्धन पूजा 2026 भारत के समान दिन है?
नहीं। राली में गोवर्धन पूजा ९ नव॰ २०२६ को है, जबकि भारत में १० नव॰ २०२६ को। तिथि पूरी पृथ्वी पर एक ही क्षण आरंभ होती है, और वह क्षण हर स्थान पर अलग स्थानीय दिन पर पड़ता है।
गोवर्धन पूजा को और किन नामों से जाना जाता है?
गोवर्धन पूजा को अन्नकूट, पड़वा, बलि प्रतिपदा भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।