गोवर्धन पूजा 2025 in अल अहमदी

बुधवार, २२ अक्टूबर २०२५

संक्षेप में

अल अहमदी में गोवर्धन पूजा 2025 बुधवार, २२ अक्टूबर २०२५ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा है। पूजा मुहूर्त ५:५४ am – ८:०९ am है। सूर्योदय ५:५४ am और सूर्यास्त ५:०९ pm पर है।

भारत के समान दिन

अन्य नाम: अन्नकूट · पड़वा · बलि प्रतिपदा

अल अहमदी का समय

तिथि
बुधवार, २२ अक्टूबर २०२५
बुधवार
पंचांग तिथि
कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा
सूर्योदय
५:५४ am
सूर्यास्त
५:०९ pm
चंद्रोदय
६:३४ am
चंद्रास्त
५:२६ pm

अल अहमदी में शुभ मुहूर्त

पूजा मुहूर्त५:५४ am – ८:०९ am
सायंकाल पूजा मुहूर्त२:५४ pm – ५:०९ pm
राहु काल — त्याज्य११:३१ am – १२:५६ pm

ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।

अल अहमदी का आज का पंचांग

गोवर्धन पूजा क्या है?

गोवर्धन पूजा उस प्रसंग की स्मृति है जब कृष्ण ने इंद्र के प्रकोप से ब्रज को बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अंगुली की नोक पर उठा लिया था। यह दीपावली के अगले दिन, कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को पड़ती है।

कैसे मनाया जाता है

भगवान के समक्ष अन्नकूट — “अन्न का पर्वत” — सजाया जाता है और फिर सबमें बांटा जाता है। गुजरात में यही दिन नववर्ष के रूप में मनाया जाता है।

अन्य शहर

Kuwait Cityबैंगलोरचेन्नईनई दिल्लीदुबईएडिसनह्यूस्टनहैदराबादकोलकातालंदनमुंबईन्यूयॉर्क

अन्य वर्ष

गोवर्धन पूजा 2024गोवर्धन पूजा 2026गोवर्धन पूजा 2027

अन्य त्योहार

भाई दूजनरक चतुर्दशीदिवालीधनतेरसछठ पूजाकरवा चौथ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अल अहमदी में गोवर्धन पूजा 2025 कब है?

अल अहमदी में गोवर्धन पूजा 2025 बुधवार, २२ अक्टूबर २०२५ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा है।

अल अहमदी में गोवर्धन पूजा का पूजा मुहूर्त कब है?

अल अहमदी में २२ अक्टू॰ २०२५ को पूजा मुहूर्त ५:५४ am – ८:०९ am है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

क्या अल अहमदी में गोवर्धन पूजा 2025 भारत के समान दिन है?

हाँ। इस वर्ष गोवर्धन पूजा अल अहमदी और भारत दोनों में २२ अक्टू॰ २०२५ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।

गोवर्धन पूजा को और किन नामों से जाना जाता है?

गोवर्धन पूजा को अन्नकूट, पड़वा, बलि प्रतिपदा भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।