दिवाली 2029 in हङकङ

सोमवार, ५ नवंबर २०२९· 1166 दिन बाद

संक्षेप में

हङकङ में दिवाली 2029 सोमवार, ५ नवंबर २०२९ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक अमावस्या है। लक्ष्मी पूजा मुहूर्त ६:१९ pm – ८:०६ pm है। सूर्योदय ६:३० am और सूर्यास्त ५:४२ pm पर है।

भारत के समान दिन

अन्य नाम: दीपावली · दीवाली · लक्ष्मी पूजा

हङकङ का समय

तिथि
सोमवार, ५ नवंबर २०२९
सोमवार
पंचांग तिथि
कार्तिक अमावस्या
सूर्योदय
६:३० am
सूर्यास्त
५:४२ pm
चंद्रोदय
५:१२ am
चंद्रास्त
४:४६ pm

हङकङ में शुभ मुहूर्त

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त६:१९ pm – ८:०६ pm
अभिजित मुहूर्त११:४४ am – १२:२९ pm
राहु काल — त्याज्य७:५४ am – ९:१८ am

ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।

हङकङ का आज का पंचांग

दिवाली क्या है?

दीपावली, दीपों का पर्व, आश्विन के अंत की अमावस्या को पड़ती है — चांद्र वर्ष की सबसे अंधेरी रात, जो राम के अयोध्या लौटने और लक्ष्मी की आराधना के रूप में मनाई जाती है। इसकी तिथि इस आधार पर तय होती है कि अमावस्या किस संध्या को घेरती है, क्योंकि लक्ष्मी पूजन सूर्यास्त के बाद किया जाता है।

कैसे मनाया जाता है

घरों की सफ़ाई होती है, रंगोली सजती है और कतार में दीये रखे जाते हैं। लक्ष्मी पूजन नीचे दिए गए प्रदोष काल में किया जाता है, उसके बाद मिठाई, नए वस्त्र और आतिशबाज़ी।

अन्य शहर

बैंगलोरचेन्नईनई दिल्लीदुबईएडिसनह्यूस्टनहैदराबादकोलकातालंदनमुंबईन्यूयॉर्कपुणे

अन्य वर्ष

दिवाली 2027दिवाली 2028

अन्य त्योहार

नरक चतुर्दशीधनतेरसगोवर्धन पूजाभाई दूजछठ पूजाकरवा चौथ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हङकङ में दिवाली 2029 कब है?

हङकङ में दिवाली 2029 सोमवार, ५ नवंबर २०२९ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक अमावस्या है।

हङकङ में दिवाली का लक्ष्मी पूजा मुहूर्त कब है?

हङकङ में ५ नव॰ २०२९ को लक्ष्मी पूजा मुहूर्त ६:१९ pm – ८:०६ pm है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

क्या हङकङ में दिवाली 2029 भारत के समान दिन है?

हाँ। इस वर्ष दिवाली हङकङ और भारत दोनों में ५ नव॰ २०२९ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।

दिवाली को और किन नामों से जाना जाता है?

दिवाली को दीपावली, दीवाली, लक्ष्मी पूजा भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।