धनतेरस 2028 in ऑकलंड

सोमवार, १६ अक्टूबर २०२८· 781 दिन बाद

संक्षेप में

ऑकलंड में धनतेरस 2028 सोमवार, १६ अक्टूबर २०२८ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी है। पूजा मुहूर्त ७:३७ pm – १०:०१ pm है। सूर्योदय ६:३६ am और सूर्यास्त ७:३७ pm पर है।

भारत: १५ अक्टू॰ २०२८

अन्य नाम: धनत्रयोदशी · धन्वंतरि जयंती

ऑकलंड का समय

तिथि
सोमवार, १६ अक्टूबर २०२८
सोमवार
पंचांग तिथि
कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
सूर्योदय
६:३६ am
सूर्यास्त
७:३७ pm
चंद्रोदय
४:५५ am
चंद्रास्त
५:२३ pm

ऑकलंड में शुभ मुहूर्त

पूजा मुहूर्त७:३७ pm – १०:०१ pm
अभिजित मुहूर्त१२:४० pm – १:३२ pm
राहु काल — त्याज्य८:१४ am – ९:५१ am

ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।

ऑकलंड का आज का पंचांग

धनतेरस क्या है?

धनतेरस कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को दीपावली के पांच दिनों का आरंभ करता है, और देवताओं के वैद्य धन्वंतरि तथा लक्ष्मी को समर्पित है। इसकी तिथि सूर्योदय से नहीं, संध्या के प्रदोष काल से तय होती है।

कैसे मनाया जाता है

इस दिन शुभ मानकर धातु खरीदी जाती है — सोना, चांदी, या कम से कम स्टील का एक बर्तन। देहरी पर दीप जलाए जाते हैं और रात भर जलते छोड़ दिए जाते हैं।

अन्य शहर

वेलिंगटनबैंगलोरचेन्नईनई दिल्लीदुबईएडिसनह्यूस्टनहैदराबादकोलकातालंदनमुंबईन्यूयॉर्क

अन्य वर्ष

धनतेरस 2026धनतेरस 2027धनतेरस 2029

अन्य त्योहार

नरक चतुर्दशीदिवालीगोवर्धन पूजाभाई दूजछठ पूजाकरवा चौथ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑकलंड में धनतेरस 2028 कब है?

ऑकलंड में धनतेरस 2028 सोमवार, १६ अक्टूबर २०२८ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी है।

ऑकलंड में धनतेरस का पूजा मुहूर्त कब है?

ऑकलंड में १६ अक्टू॰ २०२८ को पूजा मुहूर्त ७:३७ pm – १०:०१ pm है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

क्या ऑकलंड में धनतेरस 2028 भारत के समान दिन है?

नहीं। ऑकलंड में धनतेरस १६ अक्टू॰ २०२८ को है, जबकि भारत में १५ अक्टू॰ २०२८ को। तिथि पूरी पृथ्वी पर एक ही क्षण आरंभ होती है, और वह क्षण हर स्थान पर अलग स्थानीय दिन पर पड़ता है।

धनतेरस को और किन नामों से जाना जाता है?

धनतेरस को धनत्रयोदशी, धन्वंतरि जयंती भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।