छठ पूजा 2028 in विजयवाडा

२३ अक्टू॰ २०२८ – २६ अक्टू॰ २०२८· 788 दिन बाद

संक्षेप में

विजयवाडा में छठ पूजा 2028 सोमवार, २३ अक्टूबर २०२८ को है। यह त्योहार २३ अक्टू॰ २०२८ – २६ अक्टू॰ २०२८ तक चलता है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी है। सूर्योदय ६:०२ am और सूर्यास्त ५:४० pm पर है।

भारत के समान दिन

अन्य नाम: छठ · डाला छठ · सूर्य षष्ठी

विजयवाडा का समय

तिथि
सोमवार, २३ अक्टूबर २०२८
सोमवार
पंचांग तिथि
कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी
अवधि
4 दिन
२३ अक्टू॰ २०२८ – २६ अक्टू॰ २०२८
सूर्योदय
६:०२ am
सूर्यास्त
५:४० pm
चंद्रोदय
११:०३ am
चंद्रास्त
१०:२५ pm

विजयवाडा में शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त११:२८ am – १२:१४ pm
राहु काल — त्याज्य७:३० am – ८:५७ am

इस त्योहार के लिए परंपरा में अलग मुहूर्त नहीं है — यह पूरे दिन मनाया जाता है। अभिजित उस दिन का सामान्य शुभ समय है और राहु काल त्याज्य।

विजयवाडा का आज का पंचांग

छठ पूजा क्या है?

छठ सूर्य और छठी मैया की चार दिवसीय उपासना है, जो सबसे बढ़कर बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में की जाती है। यह हिंदू पंचांग के सबसे कठिन व्रतों में है, और उन गिने-चुने में जो उगते ही नहीं, डूबते सूर्य को भी अर्घ्य देते हैं।

कैसे मनाया जाता है

चार दिन नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य — जल में खड़े होकर दिया जाने वाला सांध्य अर्घ्य — और भोर के उषा अर्घ्य के क्रम में चलते हैं, जिसके बाद ही व्रत खुलता है। यह व्रत लगभग छत्तीस घंटे निर्जल रखा जाता है।

अन्य शहर

आगराअमदाबादअजमेरअलीगढ़अमरावतीअमृतसरआसनसोलऔरंगाबादबैंगलोरबरेलीभावनगरभोपाल

अन्य वर्ष

छठ पूजा 2026छठ पूजा 2027छठ पूजा 2029

अन्य त्योहार

भाई दूजगोवर्धन पूजानरक चतुर्दशीदिवालीधनतेरसकार्तिक पूर्णिमा

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विजयवाडा में छठ पूजा 2028 कब है?

विजयवाडा में छठ पूजा 2028 सोमवार, २३ अक्टूबर २०२८ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी है।

छठ पूजा 2028 कितने दिन चलता है?

छठ पूजा 2028 4 दिन चलता है, २३ अक्टू॰ २०२८ – २६ अक्टू॰ २०२८ तक।

क्या विजयवाडा में छठ पूजा 2028 भारत के समान दिन है?

हाँ। इस वर्ष छठ पूजा विजयवाडा और भारत दोनों में २३ अक्टू॰ २०२८ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।

छठ पूजा को और किन नामों से जाना जाता है?

छठ पूजा को छठ, डाला छठ, सूर्य षष्ठी भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।