छठ पूजा 2027 in विशाखपट्टणम्

४ नव॰ २०२७ – ७ नव॰ २०२७· 434 दिन बाद

संक्षेप में

विशाखपट्टणम् में छठ पूजा 2027 गुरुवार, ४ नवंबर २०२७ को है। यह त्योहार ४ नव॰ २०२७ – ७ नव॰ २०२७ तक चलता है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी है। सूर्योदय ५:५७ am और सूर्यास्त ५:२२ pm पर है।

भारत के समान दिन

अन्य नाम: छठ · डाला छठ · सूर्य षष्ठी

विशाखपट्टणम् का समय

तिथि
गुरुवार, ४ नवंबर २०२७
गुरुवार
पंचांग तिथि
कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी
अवधि
4 दिन
४ नव॰ २०२७ – ७ नव॰ २०२७
सूर्योदय
५:५७ am
सूर्यास्त
५:२२ pm
चंद्रोदय
१०:५९ am
चंद्रास्त
१०:१६ pm

विशाखपट्टणम् में शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त११:१७ am – १२:०३ pm
राहु काल — त्याज्य१:०५ pm – २:३१ pm

इस त्योहार के लिए परंपरा में अलग मुहूर्त नहीं है — यह पूरे दिन मनाया जाता है। अभिजित उस दिन का सामान्य शुभ समय है और राहु काल त्याज्य।

विशाखपट्टणम् का आज का पंचांग

छठ पूजा क्या है?

छठ सूर्य और छठी मैया की चार दिवसीय उपासना है, जो सबसे बढ़कर बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में की जाती है। यह हिंदू पंचांग के सबसे कठिन व्रतों में है, और उन गिने-चुने में जो उगते ही नहीं, डूबते सूर्य को भी अर्घ्य देते हैं।

कैसे मनाया जाता है

चार दिन नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य — जल में खड़े होकर दिया जाने वाला सांध्य अर्घ्य — और भोर के उषा अर्घ्य के क्रम में चलते हैं, जिसके बाद ही व्रत खुलता है। यह व्रत लगभग छत्तीस घंटे निर्जल रखा जाता है।

अन्य शहर

आगराअमदाबादअजमेरअलीगढ़अमरावतीअमृतसरआसनसोलऔरंगाबादबैंगलोरबरेलीभावनगरभोपाल

अन्य वर्ष

छठ पूजा 2025छठ पूजा 2026छठ पूजा 2028छठ पूजा 2029

अन्य त्योहार

भाई दूजगोवर्धन पूजादिवालीनरक चतुर्दशीधनतेरसकार्तिक पूर्णिमा

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विशाखपट्टणम् में छठ पूजा 2027 कब है?

विशाखपट्टणम् में छठ पूजा 2027 गुरुवार, ४ नवंबर २०२७ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी है।

छठ पूजा 2027 कितने दिन चलता है?

छठ पूजा 2027 4 दिन चलता है, ४ नव॰ २०२७ – ७ नव॰ २०२७ तक।

क्या विशाखपट्टणम् में छठ पूजा 2027 भारत के समान दिन है?

हाँ। इस वर्ष छठ पूजा विशाखपट्टणम् और भारत दोनों में ४ नव॰ २०२७ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।

छठ पूजा को और किन नामों से जाना जाता है?

छठ पूजा को छठ, डाला छठ, सूर्य षष्ठी भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।