छठ पूजा 2025 in धनबाद

२८ अक्टू॰ २०२५ – ३१ अक्टू॰ २०२५

संक्षेप में

धनबाद में छठ पूजा 2025 मंगलवार, २८ अक्टूबर २०२५ को है। यह त्योहार २८ अक्टू॰ २०२५ – ३१ अक्टू॰ २०२५ तक चलता है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी है। सूर्योदय ५:४८ am और सूर्यास्त ५:०६ pm पर है।

भारत: २७ अक्टू॰ २०२५

अन्य नाम: छठ · डाला छठ · सूर्य षष्ठी

धनबाद का समय

तिथि
मंगलवार, २८ अक्टूबर २०२५
मंगलवार
पंचांग तिथि
कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी
अवधि
4 दिन
२८ अक्टू॰ २०२५ – ३१ अक्टू॰ २०२५
सूर्योदय
५:४८ am
सूर्यास्त
५:०६ pm
चंद्रोदय
११:३२ am
चंद्रास्त
१०:१३ pm

धनबाद में शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त११:०५ am – ११:५० am
राहु काल — त्याज्य२:१७ pm – ३:४२ pm

इस त्योहार के लिए परंपरा में अलग मुहूर्त नहीं है — यह पूरे दिन मनाया जाता है। अभिजित उस दिन का सामान्य शुभ समय है और राहु काल त्याज्य।

धनबाद का आज का पंचांग

छठ पूजा क्या है?

छठ सूर्य और छठी मैया की चार दिवसीय उपासना है, जो सबसे बढ़कर बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में की जाती है। यह हिंदू पंचांग के सबसे कठिन व्रतों में है, और उन गिने-चुने में जो उगते ही नहीं, डूबते सूर्य को भी अर्घ्य देते हैं।

कैसे मनाया जाता है

चार दिन नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य — जल में खड़े होकर दिया जाने वाला सांध्य अर्घ्य — और भोर के उषा अर्घ्य के क्रम में चलते हैं, जिसके बाद ही व्रत खुलता है। यह व्रत लगभग छत्तीस घंटे निर्जल रखा जाता है।

अन्य शहर

आगराअमदाबादअजमेरअलीगढ़अमरावतीअमृतसरआसनसोलऔरंगाबादबैंगलोरबरेलीभावनगरभोपाल

अन्य वर्ष

छठ पूजा 2024छठ पूजा 2026छठ पूजा 2027

अन्य त्योहार

भाई दूजगोवर्धन पूजानरक चतुर्दशीदिवालीकार्तिक पूर्णिमाधनतेरस

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनबाद में छठ पूजा 2025 कब है?

धनबाद में छठ पूजा 2025 मंगलवार, २८ अक्टूबर २०२५ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी है।

छठ पूजा 2025 कितने दिन चलता है?

छठ पूजा 2025 4 दिन चलता है, २८ अक्टू॰ २०२५ – ३१ अक्टू॰ २०२५ तक।

क्या धनबाद में छठ पूजा 2025 भारत के समान दिन है?

नहीं। धनबाद में छठ पूजा २८ अक्टू॰ २०२५ को है, जबकि भारत में २७ अक्टू॰ २०२५ को। तिथि पूरी पृथ्वी पर एक ही क्षण आरंभ होती है, और वह क्षण हर स्थान पर अलग स्थानीय दिन पर पड़ता है।

छठ पूजा को और किन नामों से जाना जाता है?

छठ पूजा को छठ, डाला छठ, सूर्य षष्ठी भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।