भाई दूज 2028 in गोरखपुर

गुरुवार, १९ अक्टूबर २०२८· 784 दिन बाद

संक्षेप में

गोरखपुर में भाई दूज 2028 गुरुवार, १९ अक्टूबर २०२८ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया है। तिलक मुहूर्त १:१९ pm – ३:३५ pm है। सूर्योदय ६:३२ am और सूर्यास्त ५:५१ pm पर है।

भारत के समान दिन

अन्य नाम: भाऊ बीज · भाई फोटा · यम द्वितीया

गोरखपुर का समय

तिथि
गुरुवार, १९ अक्टूबर २०२८
गुरुवार
पंचांग तिथि
कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया
सूर्योदय
६:३२ am
सूर्यास्त
५:५१ pm
चंद्रोदय
७:४५ am
चंद्रास्त
६:३१ pm

गोरखपुर में शुभ मुहूर्त

तिलक मुहूर्त१:१९ pm – ३:३५ pm
अभिजित मुहूर्त११:४९ am – १२:३४ pm
राहु काल — त्याज्य१:३६ pm – ३:०१ pm

ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।

गोरखपुर का आज का पंचांग

भाई दूज क्या है?

भाई दूज बहन और भाई के स्नेह के साथ दीपावली की शृंखला का समापन करता है, और यमुना द्वारा अपने भाई यम के स्वागत की स्मृति दिलाता है। दशहरे की तरह इसकी तिथि भी *अपराह्न* काल से तय होती है।

कैसे मनाया जाता है

बहन भाई के माथे पर तिलक लगाती है, मिठाई खिलाती है और उसकी दीर्घायु की कामना करती है; बदले में भाई उपहार देता है। बंगाल इसे भाई फोंटा कहता है और महाराष्ट्र भाऊबीज।

अन्य शहर

आगराअमदाबादअजमेरअलीगढ़अमरावतीअमृतसरआसनसोलऔरंगाबादबैंगलोरबरेलीभावनगरभोपाल

अन्य वर्ष

भाई दूज 2026भाई दूज 2027भाई दूज 2029

अन्य त्योहार

गोवर्धन पूजानरक चतुर्दशीदिवालीधनतेरसछठ पूजाकरवा चौथ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोरखपुर में भाई दूज 2028 कब है?

गोरखपुर में भाई दूज 2028 गुरुवार, १९ अक्टूबर २०२८ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया है।

गोरखपुर में भाई दूज का तिलक मुहूर्त कब है?

गोरखपुर में १९ अक्टू॰ २०२८ को तिलक मुहूर्त १:१९ pm – ३:३५ pm है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

क्या गोरखपुर में भाई दूज 2028 भारत के समान दिन है?

हाँ। इस वर्ष भाई दूज गोरखपुर और भारत दोनों में १९ अक्टू॰ २०२८ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।

भाई दूज को और किन नामों से जाना जाता है?

भाई दूज को भाऊ बीज, भाई फोटा, यम द्वितीया भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।