भाई दूज 2027 in श्रीनगर

रविवार, ३१ अक्टूबर २०२७· 430 दिन बाद

संक्षेप में

श्रीनगर में भाई दूज 2027 रविवार, ३१ अक्टूबर २०२७ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया है। तिलक मुहूर्त १:१९ pm – ३:२८ pm है। सूर्योदय ६:५० am और सूर्यास्त ५:३८ pm पर है।

भारत के समान दिन

अन्य नाम: भाऊ बीज · भाई फोटा · यम द्वितीया

श्रीनगर का समय

तिथि
रविवार, ३१ अक्टूबर २०२७
रविवार
पंचांग तिथि
कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया
सूर्योदय
६:५० am
सूर्यास्त
५:३८ pm
चंद्रोदय
८:४० am
चंद्रास्त
६:३४ pm

श्रीनगर में शुभ मुहूर्त

तिलक मुहूर्त१:१९ pm – ३:२८ pm
अभिजित मुहूर्त११:५२ am – १२:३५ pm
राहु काल — त्याज्य४:१७ pm – ५:३८ pm

ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।

श्रीनगर का आज का पंचांग

भाई दूज क्या है?

भाई दूज बहन और भाई के स्नेह के साथ दीपावली की शृंखला का समापन करता है, और यमुना द्वारा अपने भाई यम के स्वागत की स्मृति दिलाता है। दशहरे की तरह इसकी तिथि भी *अपराह्न* काल से तय होती है।

कैसे मनाया जाता है

बहन भाई के माथे पर तिलक लगाती है, मिठाई खिलाती है और उसकी दीर्घायु की कामना करती है; बदले में भाई उपहार देता है। बंगाल इसे भाई फोंटा कहता है और महाराष्ट्र भाऊबीज।

अन्य शहर

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अन्य वर्ष

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अन्य त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रीनगर में भाई दूज 2027 कब है?

श्रीनगर में भाई दूज 2027 रविवार, ३१ अक्टूबर २०२७ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया है।

श्रीनगर में भाई दूज का तिलक मुहूर्त कब है?

श्रीनगर में ३१ अक्टू॰ २०२७ को तिलक मुहूर्त १:१९ pm – ३:२८ pm है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

क्या श्रीनगर में भाई दूज 2027 भारत के समान दिन है?

हाँ। इस वर्ष भाई दूज श्रीनगर और भारत दोनों में ३१ अक्टू॰ २०२७ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।

भाई दूज को और किन नामों से जाना जाता है?

भाई दूज को भाऊ बीज, भाई फोटा, यम द्वितीया भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।