भाई दूज 2027 in राली

शनिवार, ३० अक्टूबर २०२७· 429 दिन बाद

संक्षेप में

राली में भाई दूज 2027 शनिवार, ३० अक्टूबर २०२७ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया है। तिलक मुहूर्त २:०२ pm – ४:११ pm है। सूर्योदय ७:३५ am और सूर्यास्त ६:२० pm पर है।

भारत: ३१ अक्टू॰ २०२७

अन्य नाम: भाऊ बीज · भाई फोटा · यम द्वितीया

राली का समय

तिथि
शनिवार, ३० अक्टूबर २०२७
शनिवार
पंचांग तिथि
कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया
सूर्योदय
७:३५ am
सूर्यास्त
६:२० pm
चंद्रोदय
८:५१ am
चंद्रास्त
६:४७ pm

राली में शुभ मुहूर्त

तिलक मुहूर्त२:०२ pm – ४:११ pm
अभिजित मुहूर्त१२:३६ pm – १:१९ pm
राहु काल — त्याज्य१०:१६ am – ११:३७ am

ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।

राली का आज का पंचांग

भाई दूज क्या है?

भाई दूज बहन और भाई के स्नेह के साथ दीपावली की शृंखला का समापन करता है, और यमुना द्वारा अपने भाई यम के स्वागत की स्मृति दिलाता है। दशहरे की तरह इसकी तिथि भी *अपराह्न* काल से तय होती है।

कैसे मनाया जाता है

बहन भाई के माथे पर तिलक लगाती है, मिठाई खिलाती है और उसकी दीर्घायु की कामना करती है; बदले में भाई उपहार देता है। बंगाल इसे भाई फोंटा कहता है और महाराष्ट्र भाऊबीज।

अन्य शहर

अटलांटाअस्टिनबस्तनशार्लटशिकागोकोलंबसडॅलसडेट्राइटएडिसनफ्रिमाँटह्यूस्टनIrvine

अन्य वर्ष

भाई दूज 2025भाई दूज 2026भाई दूज 2028भाई दूज 2029

अन्य त्योहार

गोवर्धन पूजानरक चतुर्दशीदिवालीधनतेरसछठ पूजाकरवा चौथ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राली में भाई दूज 2027 कब है?

राली में भाई दूज 2027 शनिवार, ३० अक्टूबर २०२७ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया है।

राली में भाई दूज का तिलक मुहूर्त कब है?

राली में ३० अक्टू॰ २०२७ को तिलक मुहूर्त २:०२ pm – ४:११ pm है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

क्या राली में भाई दूज 2027 भारत के समान दिन है?

नहीं। राली में भाई दूज ३० अक्टू॰ २०२७ को है, जबकि भारत में ३१ अक्टू॰ २०२७ को। तिथि पूरी पृथ्वी पर एक ही क्षण आरंभ होती है, और वह क्षण हर स्थान पर अलग स्थानीय दिन पर पड़ता है।

भाई दूज को और किन नामों से जाना जाता है?

भाई दूज को भाऊ बीज, भाई फोटा, यम द्वितीया भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।