भाई दूज 2026 in सीऐटल

मंगलवार, १० नवंबर २०२६· 75 दिन बाद

संक्षेप में

सीऐटल में भाई दूज 2026 मंगलवार, १० नवंबर २०२६ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया है। तिलक मुहूर्त १२:४९ pm – २:४३ pm है। सूर्योदय ७:०८ am और सूर्यास्त ४:३७ pm पर है।

भारत: ११ नव॰ २०२६

अन्य नाम: भाऊ बीज · भाई फोटा · यम द्वितीया

सीऐटल का समय

तिथि
मंगलवार, १० नवंबर २०२६
मंगलवार
पंचांग तिथि
कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया
सूर्योदय
७:०८ am
सूर्यास्त
४:३७ pm
चंद्रोदय
९:०५ am
चंद्रास्त
४:५६ pm

सीऐटल में शुभ मुहूर्त

तिलक मुहूर्त१२:४९ pm – २:४३ pm
अभिजित मुहूर्त११:३४ am – १२:११ pm
राहु काल — त्याज्य२:१५ pm – ३:२६ pm

ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।

सीऐटल का आज का पंचांग

भाई दूज क्या है?

भाई दूज बहन और भाई के स्नेह के साथ दीपावली की शृंखला का समापन करता है, और यमुना द्वारा अपने भाई यम के स्वागत की स्मृति दिलाता है। दशहरे की तरह इसकी तिथि भी *अपराह्न* काल से तय होती है।

कैसे मनाया जाता है

बहन भाई के माथे पर तिलक लगाती है, मिठाई खिलाती है और उसकी दीर्घायु की कामना करती है; बदले में भाई उपहार देता है। बंगाल इसे भाई फोंटा कहता है और महाराष्ट्र भाऊबीज।

अन्य शहर

अटलांटाअस्टिनबस्तनशार्लटशिकागोकोलंबसडॅलसडेट्राइटएडिसनफ्रिमाँटह्यूस्टनIrvine

अन्य वर्ष

भाई दूज 2024भाई दूज 2025भाई दूज 2027भाई दूज 2028

अन्य त्योहार

गोवर्धन पूजादिवालीनरक चतुर्दशीधनतेरसछठ पूजाकरवा चौथ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीऐटल में भाई दूज 2026 कब है?

सीऐटल में भाई दूज 2026 मंगलवार, १० नवंबर २०२६ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया है।

सीऐटल में भाई दूज का तिलक मुहूर्त कब है?

सीऐटल में १० नव॰ २०२६ को तिलक मुहूर्त १२:४९ pm – २:४३ pm है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

क्या सीऐटल में भाई दूज 2026 भारत के समान दिन है?

नहीं। सीऐटल में भाई दूज १० नव॰ २०२६ को है, जबकि भारत में ११ नव॰ २०२६ को। तिथि पूरी पृथ्वी पर एक ही क्षण आरंभ होती है, और वह क्षण हर स्थान पर अलग स्थानीय दिन पर पड़ता है।

भाई दूज को और किन नामों से जाना जाता है?

भाई दूज को भाऊ बीज, भाई फोटा, यम द्वितीया भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।