भाई दूज 2025 in परामारिबो

बुधवार, २२ अक्टूबर २०२५

संक्षेप में

परामारिबो में भाई दूज 2025 बुधवार, २२ अक्टूबर २०२५ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया है। तिलक मुहूर्त १:३६ pm – ३:५९ pm है। सूर्योदय ६:२७ am और सूर्यास्त ६:२२ pm पर है।

भारत: २३ अक्टू॰ २०२५

अन्य नाम: भाऊ बीज · भाई फोटा · यम द्वितीया

परामारिबो का समय

तिथि
बुधवार, २२ अक्टूबर २०२५
बुधवार
पंचांग तिथि
कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया
सूर्योदय
६:२७ am
सूर्यास्त
६:२२ pm
चंद्रोदय
७:०७ am
चंद्रास्त
७:०९ pm

परामारिबो में शुभ मुहूर्त

तिलक मुहूर्त१:३६ pm – ३:५९ pm
राहु काल — त्याज्य१२:२५ pm – १:५४ pm

ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।

परामारिबो का आज का पंचांग

भाई दूज क्या है?

भाई दूज बहन और भाई के स्नेह के साथ दीपावली की शृंखला का समापन करता है, और यमुना द्वारा अपने भाई यम के स्वागत की स्मृति दिलाता है। दशहरे की तरह इसकी तिथि भी *अपराह्न* काल से तय होती है।

कैसे मनाया जाता है

बहन भाई के माथे पर तिलक लगाती है, मिठाई खिलाती है और उसकी दीर्घायु की कामना करती है; बदले में भाई उपहार देता है। बंगाल इसे भाई फोंटा कहता है और महाराष्ट्र भाऊबीज।

अन्य शहर

बैंगलोरचेन्नईनई दिल्लीदुबईएडिसनह्यूस्टनहैदराबादकोलकातालंदनमुंबईन्यूयॉर्कपुणे

अन्य वर्ष

भाई दूज 2024भाई दूज 2026भाई दूज 2027

अन्य त्योहार

गोवर्धन पूजादिवालीनरक चतुर्दशीधनतेरसछठ पूजाकरवा चौथ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परामारिबो में भाई दूज 2025 कब है?

परामारिबो में भाई दूज 2025 बुधवार, २२ अक्टूबर २०२५ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया है।

परामारिबो में भाई दूज का तिलक मुहूर्त कब है?

परामारिबो में २२ अक्टू॰ २०२५ को तिलक मुहूर्त १:३६ pm – ३:५९ pm है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

क्या परामारिबो में भाई दूज 2025 भारत के समान दिन है?

नहीं। परामारिबो में भाई दूज २२ अक्टू॰ २०२५ को है, जबकि भारत में २३ अक्टू॰ २०२५ को। तिथि पूरी पृथ्वी पर एक ही क्षण आरंभ होती है, और वह क्षण हर स्थान पर अलग स्थानीय दिन पर पड़ता है।

भाई दूज को और किन नामों से जाना जाता है?

भाई दूज को भाऊ बीज, भाई फोटा, यम द्वितीया भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।