राली में भाई दूज 2024 शनिवार, २ नवंबर २०२४ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया है। तिलक मुहूर्त २:०१ pm – ४:०८ pm है। सूर्योदय ७:३९ am और सूर्यास्त ६:१६ pm पर है।
भारत: ३ नव॰ २०२४
अन्य नाम: भाऊ बीज · भाई फोटा · यम द्वितीया
राली का समय
तिथि
शनिवार, २ नवंबर २०२४
शनिवार
पंचांग तिथि
कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया
सूर्योदय
७:३९ am
सूर्यास्त
६:१६ pm
चंद्रोदय
८:४६ am
चंद्रास्त
६:४३ pm
राली में शुभ मुहूर्त
तिलक मुहूर्त२:०१ pm – ४:०८ pm
अभिजित मुहूर्त१२:३६ pm – १:१९ pm
राहु काल — त्याज्य१०:१८ am – ११:३८ am
ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।
भाई दूज बहन और भाई के स्नेह के साथ दीपावली की शृंखला का समापन करता है, और यमुना द्वारा अपने भाई यम के स्वागत की स्मृति दिलाता है। दशहरे की तरह इसकी तिथि भी *अपराह्न* काल से तय होती है।
कैसे मनाया जाता है
बहन भाई के माथे पर तिलक लगाती है, मिठाई खिलाती है और उसकी दीर्घायु की कामना करती है; बदले में भाई उपहार देता है। बंगाल इसे भाई फोंटा कहता है और महाराष्ट्र भाऊबीज।
राली में भाई दूज 2024 शनिवार, २ नवंबर २०२४ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया है।
राली में भाई दूज का तिलक मुहूर्त कब है?
राली में २ नव॰ २०२४ को तिलक मुहूर्त २:०१ pm – ४:०८ pm है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।
क्या राली में भाई दूज 2024 भारत के समान दिन है?
नहीं। राली में भाई दूज २ नव॰ २०२४ को है, जबकि भारत में ३ नव॰ २०२४ को। तिथि पूरी पृथ्वी पर एक ही क्षण आरंभ होती है, और वह क्षण हर स्थान पर अलग स्थानीय दिन पर पड़ता है।
भाई दूज को और किन नामों से जाना जाता है?
भाई दूज को भाऊ बीज, भाई फोटा, यम द्वितीया भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।