भाई दूज 2024 in फ्रैंकफर्ट

रविवार, ३ नवंबर २०२४

संक्षेप में

फ्रैंकफर्ट में भाई दूज 2024 रविवार, ३ नवंबर २०२४ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया है। तिलक मुहूर्त १:०६ pm – ३:०१ pm है। सूर्योदय ७:२० am और सूर्यास्त ४:५६ pm पर है।

भारत के समान दिन

अन्य नाम: भाऊ बीज · भाई फोटा · यम द्वितीया

फ्रैंकफर्ट का समय

तिथि
रविवार, ३ नवंबर २०२४
रविवार
पंचांग तिथि
कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया
सूर्योदय
७:२० am
सूर्यास्त
४:५६ pm
चंद्रोदय
९:४३ am
चंद्रास्त
५:२० pm

फ्रैंकफर्ट में शुभ मुहूर्त

तिलक मुहूर्त१:०६ pm – ३:०१ pm
अभिजित मुहूर्त११:४९ am – १२:२७ pm
राहु काल — त्याज्य३:४४ pm – ४:५६ pm

ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।

फ्रैंकफर्ट का आज का पंचांग

भाई दूज क्या है?

भाई दूज बहन और भाई के स्नेह के साथ दीपावली की शृंखला का समापन करता है, और यमुना द्वारा अपने भाई यम के स्वागत की स्मृति दिलाता है। दशहरे की तरह इसकी तिथि भी *अपराह्न* काल से तय होती है।

कैसे मनाया जाता है

बहन भाई के माथे पर तिलक लगाती है, मिठाई खिलाती है और उसकी दीर्घायु की कामना करती है; बदले में भाई उपहार देता है। बंगाल इसे भाई फोंटा कहता है और महाराष्ट्र भाऊबीज।

अन्य शहर

बैंगलोरचेन्नईनई दिल्लीदुबईएडिसनह्यूस्टनहैदराबादकोलकातालंदनमुंबईन्यूयॉर्कपुणे

अन्य वर्ष

भाई दूज 2025भाई दूज 2026

अन्य त्योहार

गोवर्धन पूजानरक चतुर्दशीदिवालीछठ पूजाधनतेरसकार्तिक पूर्णिमा

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फ्रैंकफर्ट में भाई दूज 2024 कब है?

फ्रैंकफर्ट में भाई दूज 2024 रविवार, ३ नवंबर २०२४ को है। पंचांग के अनुसार यह कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया है।

फ्रैंकफर्ट में भाई दूज का तिलक मुहूर्त कब है?

फ्रैंकफर्ट में ३ नव॰ २०२४ को तिलक मुहूर्त १:०६ pm – ३:०१ pm है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

क्या फ्रैंकफर्ट में भाई दूज 2024 भारत के समान दिन है?

हाँ। इस वर्ष भाई दूज फ्रैंकफर्ट और भारत दोनों में ३ नव॰ २०२४ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।

भाई दूज को और किन नामों से जाना जाता है?

भाई दूज को भाऊ बीज, भाई फोटा, यम द्वितीया भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।