बैसाखी 2028 in कैलगरी

गुरुवार, १३ अप्रैल २०२८· 551 दिन बाद

Advertisement
संक्षेप में

कैलगरी में बैसाखी 2028 गुरुवार, १३ अप्रैल २०२८ को है। सूर्योदय ६:४५ am और सूर्यास्त ८:२८ pm पर है।

भारत: १४ अप्रैल २०२८ · बैसाखी 2028 →

अन्य नाम: वैसाखी · पोहेला बोइशाख

कैलगरी का समय

तिथि
गुरुवार, १३ अप्रैल २०२८
गुरुवार
सूर्योदय
६:४५ am
सूर्यास्त
८:२८ pm
चंद्रोदय
१:३१ am
चंद्रास्त
८:४४ am

कैलगरी में शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त१:०९ pm – २:०४ pm
राहु काल — त्याज्य३:२० pm – ५:०२ pm

इस त्योहार के लिए परंपरा में अलग मुहूर्त नहीं है — यह पूरे दिन मनाया जाता है। अभिजित उस दिन का सामान्य शुभ समय है और राहु काल त्याज्य।

कैलगरी का आज का पंचांग

आपकी कुंडली, इसी पृष्ठ पर

जन्म विवरण भरें और पूरी कुंडली पाएँ — ग्रह, भाव, और अभी चल रही दशा।

मेरी निःशुल्क कुंडली बनाएँ

कोई खाता नहीं, कुछ इंस्टॉल नहीं करना।

आपकी कुंडली के लिए

क्या ये मुहूर्त आपके लिए शुभ हैं?

ऊपर दिए समय शहर में सबके लिए एक जैसे हैं, पर आपके अपने चंद्रमा से उनका मेल अलग होता है। अपना जन्म विवरण भरें, हम हर मुहूर्त आपके लिए जाँचेंगे।

पक्का नहीं पता? खाली छोड़ दें। अगर इससे उत्तर बदलता है, तो हम बताएँगे।

निःशुल्क। कोई खाता नहीं। तारा बल और चंद्र बल से जाँचा गया।

Advertisement

बैसाखी क्या है?

बैसाखी पंजाब का वसंत-कालीन फसल पर्व है और 1699 से खालसा पंथ की स्थापना की वर्षगांठ भी। यह सौर पर्व है — सूर्य का मेष राशि में प्रवेश — इसीलिए यह चंद्रमा के साथ खिसकने के बजाय 13 या 14 अप्रैल पर टिका रहता है।

कैसे मनाया जाता है

गुरुद्वारों से नगर कीर्तन निकलते हैं और दिन भंगड़ा तथा गिद्दा में बीतता है। यही सौर क्षण केरल में विषु, तमिलनाडु में पुथांडु और बंगाल में पोहेला बोइशाख के रूप में नववर्ष का आरंभ करता है।

अन्य शहर

ब्राम्टनएडमंटनMontrealओटावाSurreyटोरंटोवैंकूवरविनिपेगबैंगलोरचेन्नईनई दिल्लीदुबई

अन्य वर्ष

बैसाखी 2026बैसाखी 2027बैसाखी 2029

अन्य त्योहार

पुथांडुविषुहनुमान जयंतीराम नवमीअक्षय तृतीयाउगादि

शुभ मुहूर्त की तिथियाँ

सभी शुभ मुहूर्त
Advertisement

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैलगरी में बैसाखी 2028 कब है?

कैलगरी में बैसाखी 2028 गुरुवार, १३ अप्रैल २०२८ को है।

क्या कैलगरी में बैसाखी 2028 भारत के समान दिन है?

नहीं। कैलगरी में बैसाखी १३ अप्रैल २०२८ को है, जबकि भारत में १४ अप्रैल २०२८ को। तिथि पूरी पृथ्वी पर एक ही क्षण आरंभ होती है, और वह क्षण हर स्थान पर अलग स्थानीय दिन पर पड़ता है।

बैसाखी को और किन नामों से जाना जाता है?

बैसाखी को वैसाखी, पोहेला बोइशाख भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।