बैसाखी 2028 in अमृतसर

शुक्रवार, १४ अप्रैल २०२८· 551 दिन बाद

Advertisement
संक्षेप में

अमृतसर में बैसाखी 2028 शुक्रवार, १४ अप्रैल २०२८ को है। सूर्योदय ६:०४ am और सूर्यास्त ६:५७ pm पर है।

भारत के समान दिन · बैसाखी 2028 →

अन्य नाम: वैसाखी · पोहेला बोइशाख

अमृतसर का समय

तिथि
शुक्रवार, १४ अप्रैल २०२८
शुक्रवार
सूर्योदय
६:०४ am
सूर्यास्त
६:५७ pm
चंद्रास्त
९:२८ am

अमृतसर में शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त१२:०५ pm – १२:५६ pm
राहु काल — त्याज्य१०:५४ am – १२:३० pm

इस त्योहार के लिए परंपरा में अलग मुहूर्त नहीं है — यह पूरे दिन मनाया जाता है। अभिजित उस दिन का सामान्य शुभ समय है और राहु काल त्याज्य।

अमृतसर का आज का पंचांग

आपकी कुंडली, इसी पृष्ठ पर

जन्म विवरण भरें और पूरी कुंडली पाएँ — ग्रह, भाव, और अभी चल रही दशा।

मेरी निःशुल्क कुंडली बनाएँ

कोई खाता नहीं, कुछ इंस्टॉल नहीं करना।

आपकी कुंडली के लिए

क्या ये मुहूर्त आपके लिए शुभ हैं?

ऊपर दिए समय शहर में सबके लिए एक जैसे हैं, पर आपके अपने चंद्रमा से उनका मेल अलग होता है। अपना जन्म विवरण भरें, हम हर मुहूर्त आपके लिए जाँचेंगे।

पक्का नहीं पता? खाली छोड़ दें। अगर इससे उत्तर बदलता है, तो हम बताएँगे।

निःशुल्क। कोई खाता नहीं। तारा बल और चंद्र बल से जाँचा गया।

Advertisement

बैसाखी क्या है?

बैसाखी पंजाब का वसंत-कालीन फसल पर्व है और 1699 से खालसा पंथ की स्थापना की वर्षगांठ भी। यह सौर पर्व है — सूर्य का मेष राशि में प्रवेश — इसीलिए यह चंद्रमा के साथ खिसकने के बजाय 13 या 14 अप्रैल पर टिका रहता है।

कैसे मनाया जाता है

गुरुद्वारों से नगर कीर्तन निकलते हैं और दिन भंगड़ा तथा गिद्दा में बीतता है। यही सौर क्षण केरल में विषु, तमिलनाडु में पुथांडु और बंगाल में पोहेला बोइशाख के रूप में नववर्ष का आरंभ करता है।

अन्य शहर

आगराअमदाबादअजमेरअलीगढ़अमरावतीआसनसोलऔरंगाबादबैंगलोरबरेलीभावनगरभोपालभुवनेश्वर

अन्य वर्ष

बैसाखी 2026बैसाखी 2027बैसाखी 2029

अन्य त्योहार

पुथांडुविषुहनुमान जयंतीराम नवमीअक्षय तृतीयाउगादि

शुभ मुहूर्त की तिथियाँ

सभी शुभ मुहूर्त
Advertisement

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमृतसर में बैसाखी 2028 कब है?

अमृतसर में बैसाखी 2028 शुक्रवार, १४ अप्रैल २०२८ को है।

क्या अमृतसर में बैसाखी 2028 भारत के समान दिन है?

हाँ। इस वर्ष बैसाखी अमृतसर और भारत दोनों में १४ अप्रैल २०२८ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।

बैसाखी को और किन नामों से जाना जाता है?

बैसाखी को वैसाखी, पोहेला बोइशाख भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।