अक्षय तृतीया 2029 in डरबन

बुधवार, १६ मई २०२९· 993 दिन बाद

संक्षेप में

डरबन में अक्षय तृतीया 2029 बुधवार, १६ मई २०२९ को है। पंचांग के अनुसार यह वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया है। पूजा मुहूर्त १०:४८ am – १२:५५ pm है। सूर्योदय ६:३५ am और सूर्यास्त ५:०९ pm पर है।

भारत के समान दिन

अन्य नाम: आखा तीज · अक्ती

डरबन का समय

तिथि
बुधवार, १६ मई २०२९
बुधवार
पंचांग तिथि
वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया
सूर्योदय
६:३५ am
सूर्यास्त
५:०९ pm
चंद्रोदय
९:०४ am
चंद्रास्त
७:२५ pm

डरबन में शुभ मुहूर्त

पूजा मुहूर्त१०:४८ am – १२:५५ pm
राहु काल — त्याज्य११:५२ am – १:११ pm

ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।

डरबन का आज का पंचांग

अक्षय तृतीया क्या है?

अक्षय तृतीया का अर्थ है “वह तृतीया जिसका कभी क्षय न हो” — वह दिन जिस पर जो भी आरंभ किया या दान किया जाए, वह कभी घटता नहीं। यह उन गिनी-चुनी तिथियों में है जो संपूर्ण रूप से शुभ मानी जाती हैं, जिनके भीतर अलग से मुहूर्त निकालने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

कैसे मनाया जाता है

सोना खरीदने के लिए यह भारतीय वर्ष का सबसे व्यस्त दिन है, और विवाह, गृहप्रवेश तथा नए कारोबार के लिए सबसे पसंदीदा तिथि। मान्यता है कि आज दिया गया दान अनंत होकर लौटता है।

अन्य शहर

जोहान्सबर्गबैंगलोरचेन्नईनई दिल्लीदुबईएडिसनह्यूस्टनहैदराबादकोलकातालंदनमुंबईन्यूयॉर्क

अन्य वर्ष

अक्षय तृतीया 2027अक्षय तृतीया 2028

अन्य त्योहार

बुद्ध पूर्णिमाहनुमान जयंतीराम नवमीवट सावित्रीउगादिचैत्र नवरात्रि

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डरबन में अक्षय तृतीया 2029 कब है?

डरबन में अक्षय तृतीया 2029 बुधवार, १६ मई २०२९ को है। पंचांग के अनुसार यह वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया है।

डरबन में अक्षय तृतीया का पूजा मुहूर्त कब है?

डरबन में १६ मई २०२९ को पूजा मुहूर्त १०:४८ am – १२:५५ pm है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

क्या डरबन में अक्षय तृतीया 2029 भारत के समान दिन है?

हाँ। इस वर्ष अक्षय तृतीया डरबन और भारत दोनों में १६ मई २०२९ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।

अक्षय तृतीया को और किन नामों से जाना जाता है?

अक्षय तृतीया को आखा तीज, अक्ती भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।