अक्षय तृतीया 2025 in सैन फ्रांसिस्को

मंगलवार, २९ अप्रैल २०२५

संक्षेप में

सैन फ्रांसिस्को में अक्षय तृतीया 2025 मंगलवार, २९ अप्रैल २०२५ को है। पंचांग के अनुसार यह वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया है। पूजा मुहूर्त ११:४५ am – २:२९ pm है। सूर्योदय ६:१६ am और सूर्यास्त ७:५७ pm पर है।

भारत: ३० अप्रैल २०२५

अन्य नाम: आखा तीज · अक्ती

सैन फ्रांसिस्को का समय

तिथि
मंगलवार, २९ अप्रैल २०२५
मंगलवार
पंचांग तिथि
वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया
सूर्योदय
६:१६ am
सूर्यास्त
७:५७ pm
चंद्रोदय
७:२० am
चंद्रास्त
१०:५९ pm

सैन फ्रांसिस्को में शुभ मुहूर्त

पूजा मुहूर्त११:४५ am – २:२९ pm
अभिजित मुहूर्त१२:३९ pm – १:३४ pm
राहु काल — त्याज्य४:३२ pm – ६:१४ pm

ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।

सैन फ्रांसिस्को का आज का पंचांग

अक्षय तृतीया क्या है?

अक्षय तृतीया का अर्थ है “वह तृतीया जिसका कभी क्षय न हो” — वह दिन जिस पर जो भी आरंभ किया या दान किया जाए, वह कभी घटता नहीं। यह उन गिनी-चुनी तिथियों में है जो संपूर्ण रूप से शुभ मानी जाती हैं, जिनके भीतर अलग से मुहूर्त निकालने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

कैसे मनाया जाता है

सोना खरीदने के लिए यह भारतीय वर्ष का सबसे व्यस्त दिन है, और विवाह, गृहप्रवेश तथा नए कारोबार के लिए सबसे पसंदीदा तिथि। मान्यता है कि आज दिया गया दान अनंत होकर लौटता है।

अन्य शहर

अटलांटाअस्टिनबस्तनशार्लटशिकागोकोलंबसडॅलसडेट्राइटएडिसनफ्रिमाँटह्यूस्टनIrvine

अन्य वर्ष

अक्षय तृतीया 2024अक्षय तृतीया 2026अक्षय तृतीया 2027

अन्य त्योहार

बुद्ध पूर्णिमाविषुबैसाखीपुथांडुहनुमान जयंतीराम नवमी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सैन फ्रांसिस्को में अक्षय तृतीया 2025 कब है?

सैन फ्रांसिस्को में अक्षय तृतीया 2025 मंगलवार, २९ अप्रैल २०२५ को है। पंचांग के अनुसार यह वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया है।

सैन फ्रांसिस्को में अक्षय तृतीया का पूजा मुहूर्त कब है?

सैन फ्रांसिस्को में २९ अप्रैल २०२५ को पूजा मुहूर्त ११:४५ am – २:२९ pm है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

क्या सैन फ्रांसिस्को में अक्षय तृतीया 2025 भारत के समान दिन है?

नहीं। सैन फ्रांसिस्को में अक्षय तृतीया २९ अप्रैल २०२५ को है, जबकि भारत में ३० अप्रैल २०२५ को। तिथि पूरी पृथ्वी पर एक ही क्षण आरंभ होती है, और वह क्षण हर स्थान पर अलग स्थानीय दिन पर पड़ता है।

अक्षय तृतीया को और किन नामों से जाना जाता है?

अक्षय तृतीया को आखा तीज, अक्ती भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।